Shala Pravesh Utsav 2026 : छत्तीसगढ़ में आज से नए शिक्षा सत्र का शंखनाद: स्कूलों में गूंजेगा राष्ट्रगीत और ‘अरपा पैरी के धार’, 30 जून को मनेगा शाला प्रवेश उत्सव

Shala Pravesh Utsav 2026)

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। गर्मी की छुट्टियों के बाद पहले दिन स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर और किताबें भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। लंबे समय बाद स्कूलों में लौटे बच्चों के चेहरों पर उत्साह और नई उम्मीदें साफ नजर आईं। खासकर पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों के लिए यह दिन बेहद यादगार रहा। पहले दिन प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।

 30 जून को मनेगा ‘शाला प्रवेश उत्सव’

प्रदेश में नए सत्र को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। आगामी 30 जून को पूरे राज्य में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का बड़ा और भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री मुख्य रूप से शामिल होंगे, जहां नए बच्चों का दाखिला कराकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।

प्रार्थना सभा में राज्यगीत और राष्ट्रगीत हुआ अनिवार्य

नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही इस बार स्कूलों में पढ़ाई के अलावा राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मूल्यों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार, अब सभी सरकारी और निजी स्कूलों की प्रार्थना सभा में निम्नलिखित गायन नियमित रूप से कराए जाएंगे:

  1. राष्ट्रगान (जन गण मन)

  2. राष्ट्रगीत (वंदे मातरम्)

  3. राज्यगीत (अरपा पैरी के धार)

स्कूल शिक्षा विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों (किताबों) तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें देशभक्ति, अनुशासन, राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए सालभर विभिन्न सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

सुबह की प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी और प्रेरणादायी बनाने के लिए विभाग ने सभी प्राचार्यों और स्कूल प्रबंधनों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *