रायपुर (न्यूज़ डेस्क): राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित ग्राम नकटी में महीनों से चल रहे उहापोह और तनाव के बाद आखिरकार प्रशासन की बेदखली कार्रवाई शुरू हो गई है। क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए मकानों को ढहाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आधी रात से ही जेसीबी मशीनों के साथ करीब एक हजार पुलिस जवानों को गांव में तैनात कर दिया गया है। पूरा इलाका इस वक्त पुलिस छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।
48 अवैध मकानों पर चस्पा हुआ है नोटिस
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नकटी गांव के वार्ड क्रमांक 16 और 17 में कुल 48 ऐसे मकान चिह्नित किए गए हैं जो अवैध तरीके से बनाए गए हैं। राजस्व विभाग ने इन सभी मकानों को ढहाने के लिए पहले ही बेदखली का नोटिस चस्पा कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों का साफ कहना है कि यह पूरी कार्रवाई सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को मुक्त कराने के लिए की जा रही है।
ग्रामीणों का तर्क: ‘सालों से रह रहे हैं, PM आवास योजना के तहत बने हैं मकान’
दूसरी तरफ, इस कार्रवाई का ग्रामीणों द्वारा भारी विरोध किया जा रहा है। प्रभावित ग्रामीणों का तर्क है कि वे इस जमीन पर पिछले कई सालों से रह रहे हैं और अपनी जिंदगी बसर कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी बड़ा दावा है कि इनमें से कई मकान केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) के तहत स्वीकृत और निर्मित हैं। ऐसे में वे प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई को गलत ठहरा रहे हैं।
दावे-प्रतिदावे के बीच गांव में भारी तनाव
फिलहाल, एक तरफ जहां प्रशासन कानून का हवाला देकर जमीन खाली कराने पर अड़ा है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अपनी आशियाने को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। इस खींचतान और गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती से स्थानीय लोगों में डर और भारी तनाव का माहौल देखा जा रहा है।
प्रभावितों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था: नवा रायपुर में मिलेंगे ईडब्ल्यूएस मकान
अतिक्रमण हटाने की इस बड़ी कार्रवाई के साथ-साथ जिला प्रशासन ने मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए प्रभावितों के पुनर्वास (Rehabilitation) की प्रक्रिया भी तेज कर दी है।
संबंधित एसडीएम (SDM) ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि:
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नकटी के कुल 75 प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
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इन सभी परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों में अस्थायी और स्थायी रूप से बसाया जा रहा है।
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प्रभावित परिवारों को मकान आवंटन की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है ताकि किसी को बेघर न होना पड़े।
