नई दिल्ली/देहरादून। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के 26 राज्यों में भारी बारिश और 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। तीन प्रमुख मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण उत्तर और पूर्वी भारत में अगले चार दिन मौसम काफी खराब रहने का अनुमान है।
उत्तराखंड और हिमाचल में अगले 4 दिन भारी खतरा
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र, अमृतसर से गुजर रही मानसून टर्फ और उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ के एक साथ सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में आफत बढ़ गई है।
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उत्तराखंड व हिमाचल: निचले इलाकों में जलभराव, नदियों-नालों में अचानक बाढ़ और पहाड़ों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की चेतावनी दी गई है।
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वैष्णो देवी मार्ग: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश और हिमकोटि के पास पत्थर गिरने के कारण वैष्णो देवी श्रद्धालुओं के लिए बैटरी मार्ग को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
बिहार, झारखंड और बंगाल में आंधी का अलर्ट
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बिहार: भोजपुर, गोपालगंज, पटना, बक्सर और लखीसराय में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बारिश का अनुमान है।
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झारखंड: राज्य में 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
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पश्चिम बंगाल व ओडिशा: तटीय जिलों में 31 अगस्त तक अत्यंत भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश में बाढ़ का कहर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
मध्य प्रदेश के सतना और रीवा जिलों में भारी जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को चित्रकूट में ठहरे श्रद्धालुओं और प्रभावित ग्रामीणों के लिए राहत सामग्री, भोजन व पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सतना के छह गांवों से लोगों को safe रेस्क्यू किया गया है और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं।
राजस्थान में फिलहाल सुस्त पड़ा मानसून
अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ गई हैं। बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
