Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में सांसद-विधायक के WhatsApp पर साइबर अटैक, हैकरों ने संपर्कों से मांगी हजारों की रकम

Chhattisgarh Latest News: रायपुर: छत्तीसगढ़ में साइबर ठगों ने अब जनप्रतिनिधियों के मोबाइल और WhatsApp अकाउंट को निशाना बनाया है। राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम और कोरबा जिले की पाली-तानाखार सीट से विधायक तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम के WhatsApp से उनके परिचितों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को पैसे मांगने वाले मैसेज भेजे गए। दोनों मामलों की जानकारी सामने आने के बाद लोगों को सतर्क किया गया है और साइबर टीम जांच में जुटी है।

सांसद फूलो देवी नेताम के WhatsApp से भेजा गया फर्जी मैसेज

राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम का WhatsApp अकाउंट हैक होने के बाद उनके संपर्कों को संदिग्ध संदेश भेजे गए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ लोगों को 56 हजार रुपये के कथित फर्जी भुगतान को दो घंटे के भीतर वापस करने का संदेश भेजा गया था। लोगों को शक होने पर उन्होंने सांसद के सहयोगियों से संपर्क किया, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

सांसद ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि उनके नंबर से आने वाले किसी भी संदिग्ध मैसेज, कॉल या पैसे से जुड़े अनुरोध पर भरोसा न करें। उन्होंने निजी जानकारी साझा नहीं करने की भी अपील की।

विधायक तुलेश्वर मरकाम के नंबर से मांगे गए 76 हजार

इसी तरह कोरबा जिले के पाली-तानाखार विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम का मोबाइल हैक होने का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, विधायक के पास पार्सल से संबंधित एक कॉल आया था। इसके कुछ समय बाद उनके WhatsApp नंबर से परिचितों और पार्टी कार्यकर्ताओं को 76 हजार रुपये की तत्काल जरूरत बताकर मैसेज भेजे गए।

कुछ लोगों को जब इन संदेशों पर संदेह हुआ तो उन्होंने विधायक से सीधे संपर्क किया। इसके बाद पता चला कि पैसे मांगने वाले संदेश विधायक ने नहीं भेजे थे।

विधायक ने खुद लोगों को किया अलर्ट

मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक तुलेश्वर मरकाम ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और परिचितों को फोन तथा सोशल मीडिया के जरिए सावधान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पैसों की जरूरत नहीं है और उनके नंबर से भेजे जा रहे पैसे मांगने वाले संदेश साइबर ठगों की ओर से भेजे जा रहे हैं। मामले को साइबर सेल को सौंपे जाने की जानकारी भी सामने आई है।

जनप्रतिनिधियों के संपर्कों को बनाया निशाना

दोनों मामलों में साइबर ठगों ने जनप्रतिनिधियों के नंबर और उनकी पहचान का इस्तेमाल कर उनके संपर्कों से पैसे हासिल करने की कोशिश की। सांसद के मामले में फर्जी भुगतान वापस करने का संदेश भेजा गया, जबकि विधायक के नंबर से सीधे रकम की जरूरत बताकर पैसे मांगे गए। फिलहाल पुलिस और साइबर टीम डिजिटल सुरागों के आधार पर मामलों की जांच कर रही है।

पैसे मांगने वाले मैसेज पर तुरंत न करें भरोसा

पुलिस की ओर से लोगों को सलाह दी गई है कि किसी परिचित, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति के नंबर से अचानक पैसे मांगने का मैसेज आने पर बिना पुष्टि किए रकम ट्रांसफर न करें। पहले संबंधित व्यक्ति से फोन पर सीधे बात कर संदेश की पुष्टि करें और किसी संदिग्ध लिंक या फाइल को खोलने से बचें।

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