CG Weather Update: रायपुर समेत मैदानी इलाकों में उमस, 7 अक्टूबर को कुछ जगहों पर बारिश के आसार

Chhattisgarh Weather News: रायपुर: छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर जारी है, लेकिन मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं हुआ है। 7 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बारिश का असर व्यापक नहीं रहेगा और फिलहाल प्रदेश में कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है।

7 अक्टूबर को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम में यह बदलाव मानसून की वापसी के बीच स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से देखने को मिल सकता है। वहीं अधिकांश इलाकों में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है।

गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 7 अक्टूबर के आसपास छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर गरज-चमक की गतिविधि की संभावना भी जताई गई थी। हालांकि 6 अक्टूबर के बाद जारी ताजा चेतावनी में 7 अक्टूबर से प्रदेश के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं बताई गई है।

मानसून की विदाई का दौर जारी

छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है। इस साल मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से करीब 5 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। 30 सितंबर तक प्रदेश में करीब 1194.9 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 1141.2 मिमी है। मानसून की वापसी के साथ अब मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने और दिन के तापमान में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।

रायपुर समेत मैदानी इलाकों में उमस का असर

बारिश की गतिविधियां सीमित होने के कारण रायपुर समेत प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी और उमस महसूस हो सकती है। हालिया मौसम रिपोर्ट में राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस और पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

अगले कुछ दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भी छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। यानी मानसून की विदाई के बावजूद प्रदेश में पूरी तरह बारिश बंद होने की स्थिति अभी नहीं बनी है।

किसानों और लोगों के लिए सलाह

स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव होने की स्थिति में खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचना बेहतर है। किसानों को भी कटाई और अन्य कृषि कार्यों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

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