रायपुर/बिलासपुर: बिलासपुर जिले के सिटी कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात हुए भारी बवाल, पथराव और हिंसा के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को लेकर साय सरकार और राज्य के गृह मंत्री पर तीखा हमला बोला है। गृह मंत्री की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार से न तो गृह मंत्रालय संभल रहा है और न ही गृह मंत्री से अपना खुद का गृह जिला संभल पा रहा है।
बघेल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का ध्यान केवल “वसूली” पर केंद्रित है और असली दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय केवल एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
“RSS से जुड़े लोगों पर नहीं हो रही कार्रवाई”
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर हिंसा में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि किसी पर आरोप लगाना बेहद आसान है, लेकिन धरातल पर निष्पक्ष कार्रवाई करना अलग बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे प्रदेश की स्थिति लगातार खराब और लाचार होती जा रही है। जब गृह मंत्री का अपना ही जिला अशांत है, तो यह उनकी प्रशासनिक क्षमता पर बड़ा सवालिया निशान है।
जानें बिलासपुर हिंसा में रातभर क्या-क्या हुआ?
गौरतलब है कि शुक्रवार रात बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में एक कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी की खबर फैलने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
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पथराव और तोड़फोड़: देखते ही देखते भारी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई और जमकर पथराव व तोड़फोड़ शुरू हो गई। उपद्रवियों ने कई वाहनों, मकानों और दुकानों को नुकसान पहुंचाया।
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टीआई समेत कई जवान घायल: भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी के सिर पर गंभीर चोट आई, जबकि एक आरक्षक सहित कई नागरिक व पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
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हेलमेट पहनकर पहुंचे कलेक्टर-एसएसपी: स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह खुद सुरक्षा हेलमेट पहनकर आधी रात को सड़क पर उतरे। तड़के 4 बजे तक जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ (CAF) की अतिरिक्त टुकड़ियों को बुलाकर स्थिति पर काबू पाया गया।
पुलिस की कार्रवाई और धारा 144 लागू
शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 (प्रतिबंधात्मक आदेश) लागू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज खंगालकर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। दोनों पक्षों के नामजद व अन्य आरोपियों के खिलाफ बलवा, धारा 307 (हत्या का प्रयास) और धारा 191 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। कलेक्टर और एसएसपी ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च भी किया।
मंत्रियों की ‘1-to-1’ चर्चा पर तंज: अधिकारी असमंजस में
रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच हुई ‘1-to-1’ बैठकों पर तंज कसते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार के मंत्री अपने दायित्वों का निर्वहन सही से नहीं कर पा रहे हैं और अधिकारी उनकी बातें नहीं सुन रहे हैं।
बघेल ने आरोप लगाया, “सरकार में कई स्तरों से सीधा हस्तक्षेप हो रहा है। यदि एक नेता किसी अधिकारी को कोई काम करने के लिए फोन करता है, तो चार अन्य नेता उसी काम को रोकने के लिए फोन घुमा देते हैं। इससे प्रशासनिक अधिकारी असमंजस में हैं कि किसकी बात सुनें।” उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार के पास बजट और पैसे की भारी कमी है।
“देश संविधान से चलेगा, धार्मिक ग्रंथों से नहीं”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘दो विचारधाराओं की लड़ाई’ वाले बयान का समर्थन करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और इसे केवल संविधान (Constitution) के अनुसार ही चलाया जा सकता है, किसी धार्मिक ग्रंथ के आधार पर नहीं।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ का जिक्र करते हुए बघेल ने कहा कि यह इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि देश में विचारधाराओं की लड़ाई किस स्तर पर पहुँच चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अतीत में आरएसएस से जुड़े लोगों ने संविधान की प्रतियां तक जलाई थीं।
