Raipur News: झीरम फैसले पर सियासी घमासान, अरुण साव के बयान पर भूपेश बघेल का पलटवार

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। झीरम घाटी मामले में एनआईए की विशेष अदालत द्वारा 10 दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस नेताओं पर मामले को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया। एनआईए की विशेष अदालत, जगदलपुर ने 16 सितंबर 2026 को झीरम घाटी हमले के मामले में 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।

कांग्रेस की बैठक और झीरम मामले को लेकर अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लगातार दावा करते रहे कि झीरम का सच उनकी जेब में है, लेकिन जांच के दौरान वह सामने नहीं आया। साव ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल इस मामले में केवल राजनीति करते रहे।

अरुण साव के बयान पर भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने बड़े नेताओं को खोया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने परिवार में ऐसी घटना नहीं झेली है, वे इसके दर्द को उसी तरह महसूस नहीं कर सकते। भूपेश बघेल ने अरुण साव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें इस मामले का एहसास नहीं हो सकता क्योंकि उनके परिवार के लोगों की हत्या नहीं हुई है।

झीरम घाटी मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कवासी लखमा पर उठ रहे संदेह के सवाल पर अरुण साव ने कहा कि एनआईए ने मामले की विस्तार से जांच की है और बड़ी संख्या में लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। उनके मुताबिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों का उल्लेख आरोपपत्र में किया गया होगा।

वहीं बिलासपुर में बांग्लादेशी नागरिकों की जांच को लेकर अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस बेवजह आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को कुछ लोग संदिग्ध मिले थे, जिसके आधार पर जांच की जा रही थी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत के नागरिक पाए जाएंगे, उनके खिलाफ केवल इस आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक को लेकर भी अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अंदर-बाहर का खेल चलता रहता है और पार्टी में नियम-कायदे नहीं हैं। साव ने कांग्रेस को एक परिवार की पार्टी बताते हुए कहा कि पार्टी में जब चाहें किसी को बाहर और जब चाहें किसी को अंदर करने की परंपरा रही है।

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