Raipur News: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का 500 करोड़ का झांसा देकर 15 करोड़ लेने का आरोप, ED ने केके श्रीवास्तव की 3.25 करोड़ की संपत्ति की कुर्क

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव के खिलाफ रायपुर की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। ED ने 22 सितंबर 2026 को केके श्रीवास्तव से जुड़ी 3.25 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क करने का आदेश भी जारी किया था।

ED के अनुसार, जांच रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज FIR और छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई। मूल पुलिस मामले में केके श्रीवास्तव और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप दर्ज किए गए थे।

ED का आरोप है कि जून 2023 में केके श्रीवास्तव ने मेसर्स रावत एसोसिएट्स के प्रोपराइटर को रायपुर में करीब 500 करोड़ रुपये के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए करीब 15 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा कराने की बात कही गई। एजेंसी के मुताबिक, इसके बाद 15 करोड़ रुपये पांच अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए और इन खातों की जानकारी कथित तौर पर व्हाट्सऐप के जरिए दी गई थी।

जांच एजेंसी के मुताबिक, जिन लोगों के नाम पर संबंधित बैंक खाते खोले गए थे, उन्हें कथित तौर पर इन खातों की जानकारी नहीं थी। ED का कहना है कि इन खातों से जुड़ी कंपनियां या संस्थाएं अपने पंजीकृत पतों पर भी मौजूद नहीं मिलीं। एजेंसी के आरोप के अनुसार, ठगी से प्राप्त रकम को शेल और कंड्यूट संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लेयर किया गया, जिससे रकम के वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई।

ED के मुताबिक, रकम का एक हिस्सा भारत से बाहर भी भेजा गया। एजेंसी का आरोप है कि विदेशों में धन भेजने के लिए लेन-देन को वास्तविक कारोबारी गतिविधि दिखाने की कोशिश की गई और फ्रेट चार्ज तथा कंटेनर लीजिंग जैसे कारोबारी विवरण का इस्तेमाल किया गया। जांच में रकम के दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर स्थित लाभार्थियों तक पहुंचने की बात सामने आने का ED ने दावा किया है।

ED के अनुसार, कथित तौर पर ठगी गई 15 करोड़ रुपये की रकम में से करीब 3.40 करोड़ रुपये पीड़ित को वापस किए गए। हालांकि, एजेंसी का आरोप है कि यह रकम पहले से लेयर की गई राशि में से लौटाई गई और इसे सामान्य कारोबारी भुगतान या वास्तविक पुनर्भुगतान के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। ED के मुताबिक, करीब 11.60 करोड़ रुपये की रकम अब तक वापस नहीं हुई है।

मामले में ED ने 30 जुलाई 2026 को कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें ED की हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद 22 सितंबर को 3.25 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया और 23 सितंबर 2026 को विशेष PMLA अदालत, रायपुर के समक्ष अभियोजन शिकायत दाखिल की गई। ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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