Balrampur News: आदिवासी मजदूर के नाम 7.63 लाख रुपये का कथित ट्रैक्टर फाइनेंस, पीड़ित बोला- ट्रैक्टर देखा तक नहीं

Chhattisgarh Balrampur News: बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में ग्राम कोगवार निवासी आदिवासी मजदूर नरेश कुमार पंडो के नाम पर कथित तौर पर ट्रैक्टर फाइनेंस कराकर 7,63,023.97 रुपये की देनदारी खड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का दावा है कि उसने न तो कोई ट्रैक्टर खरीदा और न ही फाइनेंस की राशि का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद उसके नाम पर बकाया राशि बताई जा रही है और वसूली का नोटिस उसके घर तक पहुंच रहा है।

नरेश पंडो ने SDOP वाड्रफनगर को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वह ग्राम बलंगी निवासी संजय के यहां मजदूरी पर ट्रैक्टर चलाता था। इसी दौरान उससे विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। शिकायत में संजय और श्रीराम फाइनेंस के एजेंट दस्तगीर आलम पर कथित मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि उसे फाइनेंस प्रक्रिया और ट्रैक्टर की खरीद के संबंध में वास्तविक जानकारी नहीं दी गई।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसके नाम पर एक नया बैंक खाता भी खुलवाया गया और पासबुक, पूरी चेकबुक तथा एटीएम कार्ड उसके पास नहीं रहने दिए गए। इसके बाद खाते से जुड़े लेनदेन और फाइनेंस की रकम को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित ने यह जानने की मांग की है कि फाइनेंस की राशि कहां गई और जिस ट्रैक्टर के नाम पर कर्ज बनाया गया, वह वर्तमान में किसके कब्जे में है।

शिकायत के अनुसार 18 मार्च 2026 तक उसके नाम पर 7,63,023.97 रुपये की देनदारी बताई गई थी। नरेश का दावा है कि उसने ट्रैक्टर खरीदा ही नहीं और उसे ट्रैक्टर देखने तक का मौका नहीं मिला। ऐसे में उसके नाम पर इतनी बड़ी देनदारी कैसे बनी, इसे लेकर उसने जांच की मांग की है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उसने अपने बैंक दस्तावेज और अन्य कागजात वापस मांगे तो उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और मारपीट की धमकी दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित लोगों की भूमिका की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नरेश के अनुसार उसने पहले पुलिस चौकी बलंगी में शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उसने 9 सितंबर 2025 को SDOP वाड्रफनगर के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत की। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कराने, कथित फाइनेंस प्रक्रिया में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जांच में तथ्य सामने आने पर लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है।

मामला बैंक खाते, KYC, फाइनेंस प्रक्रिया, दस्तावेजों और वाहन की डिलीवरी से जुड़े सत्यापन पर भी सवाल खड़े करता है। यदि जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में वित्तीय धोखाधड़ी समेत अन्य कानूनी पहलुओं की जांच हो सकती है। फिलहाल पुलिस और संबंधित वित्तीय संस्था की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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