रायपुर। छत्तीसगढ़ के हजारों राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक खबर है। राज्य सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बीमा सुरक्षा संबंधी आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
बता दें कि बीते 13 जून को आयोजित प्रदेश स्तरीय एन.एच.एम. कर्मचारी महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसकी बड़ी घोषणा की थी, जिस पर अमल करते हुए शासन ने त्वरित फैसला लिया है।
बैंक ऑफ इंडिया के साथ MOU, कर्मचारियों को मिलेंगे ये बड़े लाभ
छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम. कर्मचारी संघ के लगातार प्रयासों के बाद बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के साथ एक विशेष एमओयू (MOU) साइन किया गया है। इसके तहत एनएचएम कर्मियों को मिलने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
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व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा: ₹140 लाख (1.40 करोड़ रुपये)
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स्थायी पूर्ण विकलांगता: ₹140 लाख (1.40 करोड़ रुपये)
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स्थायी आंशिक विकलांगता: ₹70 लाख
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हवाई दुर्घटना बीमा: ₹200 लाख (2 करोड़ रुपये)
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बाल शिक्षा लाभ: ₹5 लाख प्रति बच्चा (अधिकतम 2 बच्चों के लिए ₹10 लाख तक)
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ग्रुप टर्म इंश्योरेंस (सामान्य मृत्यु होने पर): ₹6 लाख
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हेल्थ इंश्योरेंस प्लान: बहुत ही रियायती (Discounted) दरों पर उपलब्ध
लाभ उठाने के लिए यह शर्त है जरूरी
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने इस योजना की बारीकियों को स्पष्ट करते हुए बताया कि इन सभी शानदार सुविधाओं का लाभ लेने के लिए एक अनिवार्य शर्त है। सभी एनएचएम कर्मचारियों का वेतन खाता (Salary Account) बैंक ऑफ इंडिया (BOI) में होना आवश्यक है। खाते में पहली सैलरी क्रेडिट होने के तुरंत बाद एमओयू के सभी सुरक्षा प्रावधान स्वतः लागू हो जाएंगे।
कर्मचारी संघ ने जताया मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार
इस बड़े फैसले के बाद एनएचएम कर्मचारियों में खुशी की लहर है। संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने कर्मचारियों के हित में लिए गए इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय एन.एच.एम. कर्मियों और उनके आश्रित परिवारों को आर्थिक-सामाजिक संबल देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
