CG Politics: CM हाउस में हुई आधी रात की बैठक पर दीपक बैज का बड़ा दावा– ‘मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच मचा जबरदस्त घमासान, सरकार पूरी तरह फेल’

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री निवास (CM House) में गुरुवार की रात हुई मंत्रियों की मैराथन बैठक के बाद प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। इस गोपनीय बैठक की खबर बाहर आते ही विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया है कि इस बैठक में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच कामकाज को लेकर जबरदस्त घमासान मचा था और भाजपा संगठन व सरकार के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है।

दीपक बैज ने कहा, “सरकार पूरी तरीके से फेल हो चुकी है। अब तो बस यह इंतजार है कि मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों का इस्तीफा कब होगा।”

 रात 8 से 2 बजे तक चली बैठक, कामकाज पर हुआ विवाद

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बैठक के अंदरूनी घटनाक्रम का दावा करते हुए कहा कि सभी मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों से आनन-फानन में मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।

  • सीएम ने मंत्रियों को बताया फेल्योर: रात 8 बजे से शुरू होकर तड़के 2 बजे तक चली इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के कामकाज को पूरी तरह ‘फेल्योर’ (असफल) बताया।

  • मंत्रियों ने किया पलटवार: बैज के मुताबिक, मंत्रियों ने भी चुप रहने के बजाय बैठक में मुख्यमंत्री के खुद के कामकाज की समीक्षा किए जाने की बात कह दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और जबरदस्त घमासान हुआ।

 शराब ओवर रेटिंग पर उठाए सवाल: “आखिर किसके पास जा रहा है पैसा?”

राज्य में शराब की ओवर रेटिंग के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए दीपक बैज ने कड़े सवाल दागे। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि शराब की हर बोतल से हो रही अतिरिक्त वसूली का पैसा आखिर किसके-किसके पास जा रहा है? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या इस भ्रष्टाचार के मामले में ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जांच करेगी?

 “सीएम पर मंत्रिमंडल को ही भरोसा नहीं, ट्रेनिंग के लिए हमारे शिविर में आएं”

हाल ही में कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा दिए गए बयान पर बैज ने पलटवार किया। उन्होंने कहा:

“मुख्यमंत्री साय दूसरों को नसीहत देने के बजाय पहले अपने मंत्रिमंडल को संभाल लें। स्थिति यह है कि खुद के सीएम पर उनके पूरे मंत्रिमंडल को ही भरोसा नहीं है। अगर मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों को सच में ट्रेनिंग की जरूरत है, तो वे हमारे अभनपुर में चल रहे कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में आ जाएं, उनका स्वागत है।”

 धान खरीदी को लेकर भी घेरा, महाराष्ट्र के विधायकों को दी सलाह

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था का अध्ययन करने आए महाराष्ट्र के विधायकों के प्रतिनिधिमंडल को लेकर भी दीपक बैज ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के विधायकों को अधिकारियों के बजाय सीधे छत्तीसगढ़ के किसानों से बात करनी चाहिए। किसानों से पूछना चाहिए कि किस तरह पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में उन्हें ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ का सीधा फायदा मिल रहा था और इस मौजूदा सरकार ने टोकन की प्रक्रिया को जटिल बनाकर धान खरीदी को कितना मुश्किल कर दिया है।

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