नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) के भाई के अंतिम संस्कार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्लामाबाद में हुए इस जनाजे में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप कमांडर और आतंकवादी शामिल हुए थे। वीडियो फुटेज सामने आने के बाद अब यह गंभीर सवाल उठने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान के क्रिकेट खिलाड़ियों के आतंकी संगठनों के साथ इतने गहरे संबंध हैं?
24 जून को हुआ था शोएब के भाई शाहिद का निधन
‘द स्टेट्समैन’ की रिपोर्ट के अनुसार, शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का बीती 24 जून को निधन हो गया था। उन्हें इस्लामाबाद के एच-8 (H-8) कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसी दौरान का एक वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मुंबई हमलों (26/11) और पहलगाम नरसंहार जैसे खूंखार आतंकी हमलों में शामिल रहे लश्कर के कई चेहरे नजर आ रहे हैं।
जनाजे में शामिल हुए ये बड़े आतंकी चेहरे:
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सैफुल्ला कसूरी: लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ और खूंखार आतंकी, जो लगातार भारत विरोधी बयानबाजी और भड़काऊ भाषणों के लिए जाना जाता है।
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इनाम उर रहमान: लश्कर के राजनीतिक विंग ‘पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग’ (PMML) का अध्यक्ष।
भारत विरोधी बयानों के लिए जाना जाता है कसूरी
लश्कर का डिप्टी चीफ सैफुल्ला कसूरी अपने भारत विरोधी एजेंडे के लिए कुख्यात है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उसके कई भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले भाषण प्रसारित हुए थे। वैश्विक स्तर पर और विशेषकर भारतीय सुरक्षा विश्लेषकों के बीच इस बात को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है कि पाकिस्तान में मुख्यधारा के सार्वजनिक कार्यक्रमों और हस्तियों के पारिवारिक आयोजनों में ऐसे आतंकियों की बेखौफ मौजूदगी वहां के हालातों को बयां करती है।
जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से दिया था मुंहतोड़ जवाब
सैफुल्ला कसूरी और लश्कर की भारत विरोधी हरकतों पर पूर्व में भारत कड़ा रुख अपना चुका है। पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस बड़ी सैन्य कार्रवाई में आतंकवादियों के कई कैंपों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया था। इस दौरान रावलपिंडी से लेकर सुक्कुर तक के आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया था, जिससे कई सीमा पार बैठे आतंकी संगठन पूरी तरह बौखला गए थे।
अब शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में इन आतंकियों की मौजूदगी ने एक बार फिर पाकिस्तान में क्रिकेट, राजनीति और आतंकवाद के कथित गठजोड़ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
