CG Politics: रायपुर: छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में पिछले कुछ दिनों से चल रही मंत्रिमंडल में बदलाव और फेरबदल की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुद सामने आकर पूर्णविराम लगा दिया है। दिल्ली दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चल रही बातें केवल कयासों और अटकलों पर आधारित हैं, इनमें कोई सच्चाई नहीं है।
दिल्ली दौरे को लेकर क्यों मंचा था सियासी घमासान?
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिल्ली दौरा तय होते ही राजनीतिक गलियारों में यह सुगबुगाहट तेज हो गई थी कि वे हाईकमान से कैबिनेट विस्तार या मंत्रियों के विभागों में बदलाव को लेकर चर्चा करने जा रहे हैं। भाजपा संगठन और सरकार से जुड़े नेताओं की हालिया गतिविधियों को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा था। लगातार उड़ रही इन अफवाहों को खारिज करते हुए सीएम साय ने अपने दिल्ली दौरे का असली एजेंडा साफ कर दिया है।
यह है सीएम के दिल्ली दौरे का असली एजेंडा
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि उनके इस दौरे का कैबिनेट विस्तार से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। वे राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली दो बेहद महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होने जा रहे हैं:
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नीति आयोग (NITI Aayog) की बैठक: जिसमें राज्य के विकास कार्यों और केंद्रीय योजनाओं को लेकर चर्चा होगी।
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NDA मुख्यमंत्रियों की बैठक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अहम संगठनात्मक बैठक।
क्यों तेज हुई थीं कैबिनेट में बदलाव की चर्चाएं?
छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय सरकार के गठन को लंबा समय बीत जाने के बाद, समय-समय पर प्रशासनिक कसावट और राजनीतिक व क्षेत्रीय संतुलन को लेकर विभागों में फेरबदल की बातें उठती रही हैं।
कुछ मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और आगामी रणनीतियों को लेकर भी अटकलों का दौर जारी था। लेकिन मुख्यमंत्री के इस ताजा और दो टूक बयान के बाद फिलहाल उन सभी कयासों पर पानी फिर गया है जो सरकार में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद जता रहे थे। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनका यह दौरा पूरी तरह से निर्धारित सरकारी और नीतिगत बैठकों के लिए है।
