CG Politics: छत्तीसगढ़ में बीजेपी का ‘घर-घर चलो’ महाअभियान; CM साय और मंत्री खटखटाएंगे जनता का दरवाजा, जानें किसे मिला क्या टारगेट

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CG Politics:  रायपुर: छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर सातवें आसमान पर हैं। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार से प्रदेश में ‘घर-घर चलो अभियान’ का शंखनाद कर दिया है। इस बार पार्टी आलाकमान ने साफ कर दिया है कि नेताओं को सिर्फ मंचों से भाषण देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें सीधे जनता के चौखट पर जाना ही होगा।

 वर्चुअल बैठक में CM साय और किरण देव ने दिए कड़े निर्देश

अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और संगठन महामंत्री पवन साय ने सोमवार को राज्य के सभी सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की एक हाई-लेवल वर्चुअल बैठक ली। इस बैठक में सभी नेताओं को दो टूक कह दिया गया है कि इस अभियान में किसी भी तरह की बहानेबाजी नहीं चलेगी। नेताओं के कद और पद के हिसाब से सीधा टारगेट सेट कर दिया गया है।

📊 किसे मिला कितना टारगेट? (पार्टी संगठन का गणित)

पार्टी ने जमीनी स्तर पर संपर्क मजबूत करने के लिए नेताओं को इस प्रकार जिम्मेदारी सौंपी है:

नेता/पदाधिकारी का पद जनसंपर्क का लक्ष्य (टारगेट)
 मंत्री, विधायक और सांसद कम से कम 50-50 नए लोगों से सीधा संपर्क
राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष न्यूनतम 25-25 लोगों के घर जाना अनिवार्य
 जिला पदाधिकारी प्रति व्यक्ति 15-15 लोगों से मुलाकात
 मंडल अध्यक्ष अपने क्षेत्र में 10-10 लोगों से संपर्क साधना होगा

 10 जून को प्रदेशभर के बड़े मंदिरों में होगी विशेष पूजा

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के ऐतिहासिक मौके पर 10 जून को पूरे छत्तीसगढ़ में एक अलग ही माहौल देखने को मिलेगा। राज्य की हर एक विधानसभा सीट के अंतर्गत आने वाले बड़े और प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया है। इसमें भाजपा के तमाम दिग्गज नेताओं के साथ आम जनता भी बड़ी संख्या में शामिल होगी।

 आम जनता के ड्राइंग रूम तक पहुंचेंगे CM और दोनों डिप्टी सीएम

इस महाअभियान की सबसे दिलचस्प बात यह है कि खुद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने गृह विधानसभा क्षेत्र के अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में अचानक किसी भी नागरिक के घर दस्तक दे सकते हैं। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री—श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा और कैबिनेट के बाकी मंत्री भी आम जनता के घरों में पहुंचेंगे।

सीधे फीडबैक लेगी सरकार:

नेताजी आपके घर आकर खुद पूछेंगे कि राशन, पानी, बिजली या प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ आपको मिल रहा है या नहीं। अगर धरातल पर कोई गड़बड़ी या शिकायत पाई जाती है, तो उसे ऑन द स्पॉट तुरंत ठीक कराया जाएगा।

🎯 असली खेल साल 2028 का विधानसभा चुनाव!

इस पूरी कसरत के पीछे का असली खेल साल 2028 का छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव है। भाजपा अभी से जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ इतनी मजबूत कर लेना चाहती है कि विपक्ष को वापसी करने का मौका ही न मिले। सोमवार से ही प्रदेश के कई इलाकों में बड़े नेताओं ने झोला उठाकर अपने-अपने क्षेत्रों में मोर्चा संभाल लिया है।

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