कवर्धा। कबीरधाम जिले में हुए कथित धान घोटाले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। धान उपार्जन केंद्रों से बड़ी मात्रा में धान गायब होने के मामले में पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुकी है। इस मामले में अब तक 6 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं, और पुलिस लगातार आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर अहम साक्ष्य जुटा रही है।
लोहारा केंद्र प्रभारी के घर छापा, लाखों की नकदी बरामद
इसी कड़ी में शुक्रवार को पुलिस ने लोहारा धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी गंगादास मानिकपुरी के घर और कार्यालय में अचानक छापेमार कार्रवाई की। सघन तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ कई बड़ी सफलताएं लगीं, जिसमें शामिल हैं:
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₹16 लाख नगद कैश।
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आरोपी के बैंक पासबुक।
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कई महत्वपूर्ण और संदेहास्पद दस्तावेज।
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कार्यालय में रखा कंप्यूटर (हार्ड डिस्क)।
पुलिस ने इन सभी सामग्रियों को जब्त कर आगे की जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।
रडार पर अन्य आरोपी, जल्द होगी गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई अभी सिर्फ शुरुआत है। धान घोटाले से जुड़े अन्य नामजद आरोपियों के घरों और कार्यालयों में भी इसी तरह की सर्जिकल स्ट्राइक की जाएगी।
पुलिस का बयान: “मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही वे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।”
आने वाले दिनों में होंगे और बड़े खुलासे
धान घोटाले को लेकर पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के धान उपार्जन केंद्रों और संबंधित विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों की मानें तो जांच पूरी होने के बाद इस पूरे रैकेट में शामिल कुछ और रसूखदार नामों का पर्दाफाश हो सकता है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।
वैधानिक कार्रवाई: पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों को मजबूत करने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
