रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज प्रेस वार्ता में बताया कि भारत सरकार की विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत छत्तीसगढ़ को अब तक 1593 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य को 551 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को हर वर्ष 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा 118 प्रकार के विकास कार्य कराए जाएंगे। श्रमिकों को समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत राज्य को 450 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 395 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
जल संरक्षण और बुनियादी विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना के तहत 107 प्रकार के जल संरक्षण कार्य, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन, जलवायु परिवर्तन से जुड़े उपाय, पशुपालन, ड्रेनेज व्यवस्था और फॉरेस्ट फायर रोकथाम जैसे कार्य किए जाएंगे।
तीन प्रमुख अभियान चलाए जाएंगे
योजना के अंतर्गत तीन विशेष अभियान शुरू किए जाएंगे—
1. मेरी बेटी, मेरा अभिमान
- 6524 सरकारी विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण।
- प्रत्येक शौचालय पर 4.30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
2. मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय निर्माण
- राज्य में 549 मुक्तिधामों का निर्माण।
- प्रत्येक परियोजना पर 6 लाख रुपये की लागत।
- लक्ष्य: 26 जनवरी 2027 तक निर्माण पूरा करना।
3. मोर गांव, मोर पानी
- 50 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
- हैंडपंपों का चिन्हांकन कर सैंड फिल्टर वाटर सिस्टम विकसित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जी राम जी योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
