Dhamtari News : रामपाल पंथ मानने वाले परिवार की महिला की मौत के बाद विवाद, ग्रामीणों ने श्मशान जाने से रोका

Chhattisgarh Dhamtari News : धमतरी। मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। धमतरी के श्यामतराई गांव में 56 वर्षीय गीता बाई साहू के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीणों और परिजनों के बीच विवाद हो गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि ग्रामीणों ने श्मशान जाने वाले रास्ते को बांस-बल्लियों से घेरकर बंद कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और समझाइश देकर मामला शांत कराया।

जानकारी के अनुसार, गीता बाई साहू का निधन शनिवार को हुआ था। बताया जा रहा है कि उनका परिवार पिछले करीब 10 वर्षों से हिंदू धर्म के पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन नहीं कर रहा था और रामपाल पंथ से जुड़ा हुआ था। परिवार जब महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव के मुक्तिधाम ले जाने लगा, तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का कहना था कि गांव में पहले ही मुनादी कराई गई थी कि जो लोग हिंदू धर्म की पारंपरिक मान्यताओं का पालन नहीं करते हैं या ईसाई धर्म अथवा रामपाल पंथ से जुड़े हैं, उन्हें गांव के श्मशान में अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी के चलते ग्रामीणों ने शव को श्मशान ले जाने का विरोध किया और रास्ते पर बांस-बल्लियों से बैरिकेडिंग कर दी।

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि मृतिका का परिवार लंबे समय से गांव की पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन नहीं कर रहा था। ग्रामीणों का कहना था कि इस संबंध में पहले भी परिवार को समझाइश दी गई थी।

नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर ने बताया कि ग्रामीणों और मृतिका के स्वजनों के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर विवाद हुआ था। प्रशासन की समझाइश के बाद ग्रामीणों को शांत कराया गया और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराया गया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद गांव में स्थिति सामान्य हो गई और शांति व्यवस्था बहाल है।

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