chattisgarh sakti news: सक्ती। सक्ती थाने में एक नवविवाहिता की ओर से दहेज और मानसिक प्रताड़ना को लेकर दी गई शिकायत पर कार्रवाई में देरी का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए 29 मई 2026 को सक्ती थाना प्रभारी लखन पटेल को लिखित आवेदन दिया था, लेकिन लंबे समय बाद भी FIR दर्ज नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता की शादी 20 अप्रैल 2026 को हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद उसे दहेज को लेकर प्रताड़ित किया गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया। इसके बाद वह करीब एक महीने बाद 25 मई को अपने मायके लौट आई। पीड़िता ने 29 मई को सक्ती थाने पहुंचकर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दी।
मामले में 27 जून को सक्ती परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग भी हुई। काउंसलिंग के बाद पीड़िता को आगे की कार्रवाई के लिए थाने जाने की सलाह दी गई। इसके बावजूद शिकायत पर FIR दर्ज नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। इस मामले में कार्रवाई में देरी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। खास तौर पर महिला उत्पीड़न और दहेज से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने के बाद समय पर कार्रवाई की आवश्यकता को देखते हुए पीड़िता ने मामले में जल्द FIR दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी आरोप है कि सक्ती थाने में कुछ मामलों में कार्रवाई को लेकर अलग-अलग रवैया अपनाया जाता है। हालांकि, FIR दर्ज करने में कथित देरी और लगाए गए अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। थाना प्रभारी या संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
अब पीड़िता की नजर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर है। उसने मांग की है कि उसकी शिकायत पर निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
