Hauz Rani B&B Fire: हादसे से एक दिन पहले MCD अधिकारी ने दी थी ‘क्लीन चिट’, लापरवाही पर एक्शन; सेवा समाप्त

Hauz Rani B&B Fire:

दिल्ली के हौज रानी इलाके में स्थित एक बेड-एंड-ब्रेकफास्ट (B&B) प्रतिष्ठान में लगी भीषण आग ने नगर निगम के दावों और कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 23 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। अब इस मामले में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने दिल्ली नगर निगम (MCD) के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

जांच में सामने आया है कि जिस परिसर में यह भयावह हादसा हुआ, उसका घटना से महज 24 घंटे पहले ही MCD के स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरीक्षण किया गया था और उसे सुरक्षित बताते हुए लाइसेंस की सिफारिश की गई थी।

निरीक्षण के अगले ही दिन हुआ दर्दनाक हादसा

MCD की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, हादसे से ठीक एक दिन पहले यानी 2 जून 2026 को असिस्टेंट पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर प्रिंस मान ने इस B&B परिसर का मौका-मुआयना किया था।

हैरान करने वाली बात यह है कि निरीक्षण के दौरान परिसर में कई गंभीर सुरक्षा खामियां और नियमों का खुला उल्लंघन मौजूद था। इसके बावजूद, अधिकारी ने जमीनी हकीकत और दस्तावेजों के बीच की विसंगतियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। अधिकारी ने मौके पर मौजूद खतरों को ताक पर रखकर स्वास्थ्य लाइसेंस के लिए एक ‘अनुकूल, गलत और भ्रामक’ रिपोर्ट तैयार की और आगे बढ़ा दी।

लापरवाही पर MCD का बड़ा एक्शन: सेवाएं समाप्त

“निरीक्षण पूरी तरह सतही, लापरवाही भरा और नियमों के खिलाफ था। अधिकारी ने स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही कमियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया।”

दिल्ली नगर निगम (MCD) प्रारंभिक जांच अंश

मामले की गंभीरता और 23 मासूमों की जान जाने के बाद दिल्ली नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। MCD द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के तहत निम्नलिखित कार्रवाई की गई है:

  • हेल्थ इंस्पेक्टर बर्खास्त: गलत रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस की सिफारिश करने वाले असिस्टेंट पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर प्रिंस मान की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

  • डिप्टी हेल्थ ऑफिसर का तबादला: प्रशासनिक कारणों और जवाबदेही तय करते हुए MCD ने साउथ जोन के डिप्टी हेल्थ ऑफिसर (DHO) का भी तबादला कर दिया है और उन्हें मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।

MCD द्वारा 11 जून को जारी आधिकारिक ‘ऑफिस ऑर्डर’ में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रिंस मान को उस विशिष्ट इलाके की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के बजाय जानबूझकर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की अनदेखी की।

बढ़ते सवाल: क्या सिर्फ एक मोहरे पर गिरेगी गाज?

इस हादसे ने दिल्ली में चल रहे सैकड़ों कमर्शियल और गेस्ट हाउस परिसरों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवारों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि:

  1. जब परिसर में आग से निपटने के इंतजाम नहीं थे, तो अधिकारी को वहां सब ठीक कैसे नजर आया?

  2. क्या इस भ्रामक रिपोर्ट के पीछे कोई बड़ा भ्रष्टाचार या सांठगांठ थी?

  3. क्या केवल एक इंस्पेक्टर स्तर के कर्मचारी पर कार्रवाई करके सीनियर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं?

पुलिस और दिल्ली सरकार की एजेंसियां अब इस मामले में आपराधिक लापरवाही का मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुट गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।

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