रायपुर | छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में बहुमंजिला इमारतों (Apartments) और फ्लैटों के मालिकाना हक को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार और सहकारी संस्थाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सनसनीखेज आरोप लगाया कि ‘प्रकोष्ठ स्वामित्व अधिनियम 1976’ के लागू होने के 50 साल बाद और छत्तीसगढ़ राज्य बनने के 26 साल बाद भी प्रदेश में इस कानून का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे लाखों फ्लैट खरीदार आज भी अपने असली हक से वंचित हैं।
यह मुद्दा प्रदेश के लाखों उन मध्यमवर्गीय परिवारों से जुड़ा है, जिन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर फ्लैट या दुकानें खरीदी हैं।
“फ्लैट खरीदार सिर्फ हवा में, आपदा आई तो जनता के पास कुछ नहीं बचेगा”
‘आप’ नेताओं ने एक बड़े कानूनी और आर्थिक संकट की ओर इशारा करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जमीन पर अपार्टमेंट बना है, वह जमीन आज भी सरकारी रिकॉर्ड में बिल्डर के नाम पर दर्ज है। फ्लैट खरीदारों के पास केवल दीवारों की रजिस्ट्री है, जमीन में उनका कोई कानूनी हिस्सा नहीं है।
पार्टी ने चेतावनी देते हुए कहा: “यदि कल को किसी प्राकृतिक आपदा (जैसे भूकंप आदि) में कोई अपार्टमेंट गिर जाता है, तो जमीन का मालिकाना हक बिल्डर के पास होने के कारण आम जनता के हाथ में कुछ नहीं बचेगा। लोग सड़क पर आ जाएंगे और कानूनी रूप से अपनी ही जमीन पर दावा नहीं कर पाएंगे।”
बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए ‘सहकारी समितियां’ बनने ही नहीं दीं: AAP
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मेहरबान सिंह, विजय झा और के. ज्योति ने सहकारी संस्था छत्तीसगढ़ शासन के पंजीयक पर सीधा निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और बिल्डरों के एक कथित गठजोड़ ने जानबूझकर आज तक ‘सहकारी समितियां’ (Housing Societies) बनने ही नहीं दीं, ताकि जमीन का मालिकाना हक खरीदारों को ट्रांसफर न हो सके।
इन प्रमुख प्रोजेक्ट्स का दिया हवाला:
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बिलासपुर: सी.जी प्लाजा कॉम्प्लेक्स।
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दुर्ग: हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी के सामने स्थित छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (CG HB) के अपार्टमेंट।
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राजनांदगांव: परिवहन कॉम्प्लेक्स। इन सभी जगहों पर खरीदारों द्वारा आवेदन दिए जाने के बावजूद आज तक सोसायटियों का गठन नहीं होने दिया गया है।
रेरा (RERA) का नोटिस सिर्फ दिखावा, राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने बताया कि नियमों की इस खुलेआम अनदेखी और गड़बड़ियों को लेकर रेरा (RERA) द्वारा प्रदेश के 600 बिल्डरों को नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन ‘आप’ ने इसे महज एक प्रशासनिक दिखावा करार दिया है क्योंकि जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सड़कों पर उतरेगी ‘आप’, प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी खुली चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार, पंजीयक सहकारी संस्थाएं और रेरा (RERA) के आला अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यह लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों के भविष्य और उनकी जीवनभर की कमाई की सुरक्षा का सवाल है, जिसे किसी भी कीमत पर दबाने नहीं दिया जाएगा।
पार्टी की दो टूक चेतावनी: “यदि सरकार बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले आम नागरिकों को जमीन का वास्तविक मालिकाना हक दिलाने और सभी सोसायटियों में तुरंत ‘सहकारी समितियां’ गठित करने के लिए कड़े व ठोस कदम नहीं उठाती है, तो आम आदमी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। बहुत जल्द इसके खिलाफ प्रदेश स्तर पर एक बड़ा और उग्र जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”
