महासमुंद / निपानिया: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की निपानिया शाखा में भ्रष्टाचार और मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक मृतक खाताधारक के नॉमिनी से राशि भुगतान के एवज में ₹10,000 की घूस मांगना प्रभारी बैंक मैनेजर को भारी पड़ गया। पीड़ित की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने प्रभारी मैनेजर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
कलेक्टर के ‘जनदर्शन’ में खुली पोल
पूरा मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित ने बैंक मैनेजर की मनमानी के आगे झुकने के बजाय हिम्मत दिखाई। शिकायतकर्ता सीधे कलेक्टर के ‘जनदर्शन’ कार्यक्रम में पहुंच गया और प्रभारी मैनेजर अनीता पाण्डेय के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतकर्ता ने बताया कि मृतक खाताधारक की राशि के भुगतान के लिए वह बैंक के चक्कर काट रहा था, लेकिन काम निकालने के नाम पर मैनेजर अनीता पाण्डेय द्वारा सीधे ₹10,000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
जांच में सच साबित हुए आरोप, तत्काल निलंबन
जनदर्शन में शिकायत मिलते ही कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए मामले की जांच के लिए नोडल अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी। नोडल अधिकारी की त्वरित जांच रिपोर्ट में बैंक मैनेजर पर लगे रिश्वतखोरी के आरोप 100% सच पाए गए। जांच रिपोर्ट आते ही कलेक्टर के निर्देश पर निलंबन की कार्रवाई पक्की कर दी गई।
कड़ी शर्तों के साथ निलंबन आदेश जारी अनीता पाण्डेय को बैंक कर्मचारी सेवा नियम के तहत सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनके लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं:
मुख्यालय बदला: उनका वर्तमान मुख्यालय निपानिया से बदलकर महासमुंद शिफ्ट कर दिया गया है।
आधा वेतन: निलंबन के दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता (आधा वेतन) ही मिलेगा।
बिना अनुमति मूवमेंट पर रोक: बिना लिखित अनुमति के वह महासमुंद मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। इस दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की छुट्टी की पात्रता नहीं होगी।
भ्रष्टाचारियों को साफ चेतावनी
जिला प्रशासन का यह कड़ा रुख उन सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के लिए एक साफ चेतावनी है जो आम जनता के हक के पैसों के लिए उन्हें परेशान करते हैं और घूस मांगते हैं। इस कार्रवाई के बाद से निपानिया जिला सहकारी बैंक शाखा सहित जिले के अन्य विभागों में हड़कंप का माहौल है और कामकाज को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
