US-Iran War इंटरनेशनल डेस्क। मिडिल ईस्ट (Middle East Tension) से इस वक्त की बेहद गंभीर और बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान (US-Iran Conflict) के बीच बढ़ता सैन्य टकराव अब युद्ध के मुहाने पर पहुंच गया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान ने एक बड़ा और खतरनाक दावा किया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में हड़कंप मच गया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी? कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े सैन्य सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों और तेल टैंकरों पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध जहाज पर तुरंत सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
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क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट? यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) की लाइफलाइन है। दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों का कच्चा तेल इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।
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असर: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव लंबा खिंचा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil Prices) की कीमतों में आग लग सकती है।
बहरीन में एयर रेड अलर्ट: अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर मिसाइल हमले का दावा
तनाव के बीच बहरीन (Bahrain Air Raid Alert) में अचानक हवाई हमले के सायरन बजने से हड़कंप मच गया। ईरानी सैन्य सूत्रों ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट (US Navy 5th Fleet) मुख्यालय को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं।
मौजूदा स्थिति: हालांकि ईरान के इस दावे की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। बहरीन प्रशासन ने पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है और विदेशी दूतावासों को सतर्क रहने को कहा गया है।
CENTCOM का खंडन: “होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं, हम पूरी तरह सुरक्षित”
ईरान के इन दावों के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने तुरंत एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। CENTCOM के अनुसार:
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होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है।
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अमेरिकी नौसैनिक जहाजों या बेस पर किसी भी सफल हमले की पुष्टि नहीं हुई है।
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अमेरिकी सेना क्षेत्र में स्थिति पर बारीक नजर रखे हुए है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आदेश: ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के मुताबिक, हालात को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई (US Air Strike on Iran) की है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी फाइटर जेट्स और मिसाइलों ने दक्षिणी ईरान के कई संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित रडार सिस्टम और सैन्य प्रतिष्ठानों (Military Installations) को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट, संयुक्त राष्ट्र (UN) चिंतित
संयुक्त राष्ट्र (UN) समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने दोनों देशों से तुरंत संयम बरतने की अपील की है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव पूर्ण युद्ध में बदलता है, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy), अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पूरी दुनिया की ईंधन आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) बुरी तरह ध्वस्त हो सकती है।
