जशपुर | जिला चिकित्सालय जशपुर के ब्लड सेंटर (ब्लड बैंक) में गंभीर अनियमितता और लापरवाही सामने आने के बाद कलेक्टर रोहित व्यास ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर ने ब्लड सेंटर के प्रभारी मेडिकल लैब टेक्नीशियन (MLT) पुरूषोत्तम कुंवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। कर्मचारी की इस भारी लापरवाही से मरीजों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।
जांच में हुआ सनसनीखेज खुलासा: एक्सपायर्ड ब्लड बैग गायब, सबूत मिटाने की कोशिश
जिला अस्पताल के ब्लड सेंटर को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद जब इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई गई, तो बेहद चौंकाने वाले और गंभीर तथ्य सामने आए:
-
नियमों की अनदेखी: एक्सपायर्ड हो चुके ब्लड बैग को निर्धारित मेडिकल गाइडलाइन और प्रक्रिया के अनुसार डिस्कार्ड (नष्ट) नहीं किया गया।
-
अधिकारियों से बात छुपाई: ब्लड सेंटर से एक्सपायर्ड ब्लड बैग गायब हो गए, लेकिन इसकी जानकारी समय रहते वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई।
-
साक्ष्यों से छेड़छाड़: मामले को दबाने के लिए सरकारी दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ किए जाने के पुख्ता सबूत जांच में मिले हैं।
-
एथिक्स का उल्लंघन: ब्लड सेंटर के संचालन में निर्धारित नियमों और प्रोफेशनल एथिक्स (व्यावसायिक नैतिकता) का खुलेआम उल्लंघन किया गया।
मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़, कलेक्टर ने माना गंभीर कदाचार
मामला सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया गया था। लेकिन कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत जवाब को पूरी तरह असंतोषजनक पाया गया।
कलेक्टर रोहित व्यास ने अपने निलंबन आदेश में सख्त लहजे में उल्लेख किया है कि संबंधित कर्मचारी की इस लापरवाही और कार्यशैली के कारण अस्पताल में भर्ती मासूम व गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की पूरी आशंका थी। इससे न केवल मरीजों की जान को खतरा हो सकता था, बल्कि जिला चिकित्सालय और जिला प्रशासन की छवि भी धूमिल हुई है। इसे गंभीर कदाचार, घोर अनुशासनहीनता और पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही मानते हुए सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है।
फरसाबहार किया गया अटैच
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान पुरूषोत्तम कुंवर का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) फरसाबहार निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
