रायपुर/तिल्दा | राजधानी रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित तिल्दा-नेवरा की बेटी चारु पांडेय ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर एक ऐसा ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है, जो आज देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। महज 23 वर्ष की उम्र में चारु ने एक या दो नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की 19 प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
चारु की इस असाधारण और अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्हें महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
पिता हैं शासकीय शिक्षक, दुर्ग से की गणित में ग्रेजुएशन
चारु पांडेय एक साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं। उनके पिता प्रवीण कुमार पांडेय एक शासकीय स्कूल में शिक्षक हैं और माता सुधा पांडेय एक गृहिणी हैं। चारु ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा तिल्दा के ही एक निजी स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग से गणित विषय में स्नातक (B.Sc.) की डिग्री हासिल की।
छोटे शहर से निकलकर देश के शीर्ष पायदान पर पहुंचने वाली चारु की यह ऐतिहासिक सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य के प्रति सच्ची निष्ठा हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती।
इन 19 प्रमुख परीक्षाओं में लहराया सफलता का परचम
चारु पांडेय ने देश की सबसे कठिन और बेहद प्रतिस्पर्धी मानी जाने वाली कई परीक्षाओं को एक के बाद एक क्रैक किया है। उनके द्वारा पास की गई प्रमुख परीक्षाओं की सूची इस प्रकार है:
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SSC (कर्मचारी चयन आयोग): SSC CGL, SSC CHSL, SSC MTS, SSC GD, SSC CPO
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बैंकिंग क्षेत्र: IBPS PO, SBI
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पुलिस एवं सुरक्षा बल: दिल्ली पुलिस, छत्तीसगढ़ सब-इंस्पेक्टर (SI)
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अन्य राज्य व केंद्र स्तरीय परीक्षाएं: ट्रांसपोर्ट सब-इंस्पेक्टर, CG NHM सहित कुल 19 प्रतिष्ठित परीक्षाएं।
वर्तमान पोस्टिंग: लगातार इतनी सारी सरकारी नौकरियों के विकल्प होने के बावजूद चारु ने अपने अनुशासन को बनाए रखा। वे वर्तमान में मई 2025 से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के चेन्नई कार्यालय में असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर (AAO) के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
सफलता का मूल मंत्र: ‘स्मार्ट स्टडी’ और ‘स्व-विश्लेषण’
नईदुनिया संवाददाता संजय सेन से अपनी रणनीतियों को साझा करते हुए चारु ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद जरूरी टिप्स दिए हैं। चारु के मुताबिक, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लेकिन सही रणनीति से इसे आसान बनाया जा सकता है:
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स्मार्ट स्टडी: केवल अंधाधुंध पढ़ाई करने के बजाय विषयवार (Topic-wise) रणनीति बनाना बेहद जरूरी है।
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मॉक टेस्ट: तैयारी को परखने के लिए नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना अनिवार्य है।
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स्व-विश्लेषण (Self-Analysis): टेस्ट देने के बाद अपनी कमियों और गलतियों को सुधारना ही सफलता का असली फॉर्मूला है।
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निरंतरता: सफलता पाने के लिए हर दिन सही दिशा में लगातार प्रयास करना आवश्यक है।
युवाओं में भारी उत्साह
चारु की इस अद्भुत सफलता की खबर के बाद से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में एक नया उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर भी तिल्दा की इस बेटी को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
