Frooti Fungus Case धमतरी में ब्रांडेड ‘फ्रूटी’ के अंदर तैरता मिला फंगस: पीते ही मासूम बच्ची की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती; खाद्य विभाग ने मारा छापा

Frooti Fungus Case

धमतरी / मगरलोड: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक बेहद हैरान और डरा देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मासूम बच्ची द्वारा खरीदी गई ब्रांडेड ‘फ्रूटी’ (Frooti) के अंदर फंगस और कीड़े जैसी संदिग्ध चीज तैरती हुई मिली। जूस पीते ही बच्ची की तबीयत बिगड़ने की आशंका के चलते परिजनों में हड़कंप मच गया। बच्ची को एहतियात के तौर पर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। इस गंभीर घटना के बाद हरकत में आए खाद्य विभाग ने जनरल स्टोर पर छापेमारी कर फ्रूटी के सैंपल जब्त किए हैं।

फ्रूटी पीते ही नजर आई संदिग्ध चीज, परिजनों के उड़े होश

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मगरलोड ब्लॉक के करेलीबड़ी इलाके का है। यहां रहने वाली एक मासूम बच्ची ने पास ही के एक जनरल स्टोर से फ्रूटी खरीदी थी। बच्ची जब घर जाकर फ्रूटी पी रही थी, तभी अचानक परिजनों की नजर जूस के डिब्बे (टेट्रा पैक) के अंदर गई। डिब्बे के भीतर कोई अनजान बदबूदार वस्तु या कीड़े जैसी चीज तैरती हुई नजर आई। इसे देखते ही परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत बच्ची को जूस पीने से रोका। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए परिजन तत्काल बच्ची को लेकर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार किया जा रहा है।

एक्शन में खाद्य विभाग, जनरल स्टोर पर दी दबिश

इस घटना की सूचना मिलते ही धमतरी का खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) तुरंत एक्शन मोड में आ गया। अधिकारियों की टीम ने तत्काल संबंधित जनरल स्टोर पर छापेमारी की और दुकान में मौजूद फ्रूटी के उस पूरे लॉट और संबंधित बैच के सैंपल जब्त कर लिए। विभाग अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रहा है कि यह स्टॉक किस होलसेल डीलर या सप्लायर के माध्यम से इस रिटेल दुकान तक पहुंचा था।

ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर उठ रहे कई गंभीर सवाल

इस घटना ने बाजार में बिकने वाले पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स की शुद्धता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:

  1. नकली माल का खेल: क्या धमतरी के बाजारों में नामी ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली या मिलावटी खाद्य वस्तुएं धड़ल्ले से बेची जा रही हैं?

  2. रखरखाव में लापरवाही: क्या रिटेलर और डीलर ज्यादा मुनाफे के चक्कर में एक्सपायरी माल या खराब तरीके से रखे गए स्टॉक को बच्चों को परोस रहे हैं?

  3. लचर निगरानी: आखिर खाद्य विभाग की नियमित जांच टीमें इन दुकानों और उनके स्टॉक की समय-समय पर सुध क्यों नहीं लेतीं?

खाद्य विभाग का बयान: लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

मामले को बढ़ता देख खाद्य विभाग के अधिकारियों का आधिकारिक बयान भी सामने आया है। विभाग ने स्वीकार किया है कि शुरुआती तौर पर उक्त फ्रूटी में फंगस जैसी चीज पाई गई है। जब्त किए गए सैंपलों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद डीलर और रिटेलर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

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