राजनांदगांव। राजनांदगांव पुलिस ने समाज और पुलिस के बीच विश्वास, संवाद और जनसहभागिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक (SP) अंकिता शर्मा के नेतृत्व में एक बेहद खास और जन-केंद्रित अभियान “पहल” का शुभारंभ किया गया है।
15 जून को पुलिस लाइन राजनांदगांव में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद संतोष पांडेय, जिले के विधायकगण, महापौर मधुसूदन यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में लगभग 2600 लोगों ने सहभागिता की, जिनमें 550 कोटवार, 1000 ग्रामवासी, 400 प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी, 500 से अधिक यातायात मित्र तथा 111 ‘गुड समैरिटन्स’ (मददगार नागरिक) शामिल रहे।
विद्यार्थियों के लिए खुलेगा “पहल रीडिंग रूम” और ‘चेंज एजेंट’ की सोच
इस अभियान के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए “पहल रीडिंग रूम” का शुभारंभ किया गया है।
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किन्हें मिलेगा लाभ: यह पहल विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जो झुग्गी बस्तियों, अटल आवास कॉलोनियों एवं आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में रहते हैं, जहाँ घरों में शांत वातावरण उपलब्ध नहीं हो पाता है।
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चिखली क्षेत्र से सबसे ज्यादा मांग: इस सुविधा के लिए सबसे अधिक मांग चिखली थाना क्षेत्र से प्राप्त हुई, जो जिले के अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण एवं अपराध प्रभावित क्षेत्रों में से एक माना जाता है।
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बदलेगा रोल मॉडल: पुलिस का उद्देश्य केवल पढ़ाई की सुविधा देना नहीं, बल्कि इन युवाओं को अपने क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक (Change Agents) के रूप में विकसित करना है, ताकि अपराधी तत्वों के बजाय शिक्षा और सफलता के प्रतीक युवाओं के नए रोल मॉडल बन सकें।

अपराधमुक्त ग्रामों के सम्मान में वृक्षारोपण
कार्यक्रम के दौरान एक अनूठी पहल करते हुए वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 में पूरी तरह अपराधमुक्त रहे 164 ग्रामों के सम्मान में पुलिस लाइन और संबंधित थाना परिसरों में वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान सामाजिक जागरूकता और अपराध नियंत्रण में जनसहयोग को सम्मानित करने का प्रतीक है।
कोटवार, यातायात मित्र और 111 ‘गुड समैरिटन्स’ का सम्मान
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कोटवार और सरपंच सम्मेलन: ग्रामीण सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए जिले के कोटवारों, सरपंचों और पटेलों का सम्मेलन आयोजित किया गया।
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यातायात मित्र: सड़क किनारे काम करने वाले पेट्रोल पंप संचालक, ई-रिक्शा चालक, ढाबा संचालक और मैकेनिकों को ‘यातायात मित्र’ के रूप में जोड़ा गया है, जो ‘गोल्डन ऑवर’ में सड़क दुर्घटना के घायलों की जान बचाते हैं।
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111 गुड समैरिटन्स सम्मानित: वर्ष 2025 में सड़क हादसों के दौरान तत्परता दिखाकर लोगों की जान बचाने वाले 111 सजग नागरिकों को सम्मानित किया गया।
भविष्य की दो बड़ी योजनाएं (New Initiatives)
1. “पहल” निःशुल्क कोचिंग संस्थान: राजनांदगांव पुलिस लाइन में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की शुरुआत की जाएगी। प्रतिदिन सुबह 7 से 10 बजे तक चलने वाली इन क्लासों में नवनियुक्त सब-इंस्पेक्टर (SI) और विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे।
2. “पहल” मेंटरशिप कार्यक्रम: जिले के विभिन्न थानों में तैनात पुलिस अधिकारियों को विद्यार्थियों का ‘मेंटर’ बनाया जाएगा, जो मार्गदर्शन और करियर काउंसलिंग के जरिए युवाओं को प्रेरित करेंगे।
निष्कर्ष: शिक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग (Community Policing) को एक साथ जोड़कर शुरू किया गया “पहल” अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजनांदगांव पुलिस द्वारा सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बढ़ाया गया एक मजबूत और सतत कदम है।
