अयोध्या | राम मंदिर में दानपात्र से कथित गबन के आरोपों के बीच हर किसी के मन में यह बड़ा सवाल था कि आखिर बीते कुछ वर्षों में रामलला को कितना चढ़ावा आया है? इस सस्पेंस पर से पूरी तरह पर्दा उठाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शनिवार को मीडिया के सामने मंदिर की आय-व्यय और चढ़ावे का एक-एक पाई का पूरा ब्योरा रख दिया है।
ट्रस्ट द्वारा जारी किए गए आंकड़े बेहद चौंकाने वाले और भव्य हैं। ब्योरे के मुताबिक, सिर्फ वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही राम मंदिर को विभिन्न माध्यमों से कुल 363 करोड़ 34 लाख रुपये का बंपर दान प्राप्त हुआ है।
रामलला की तिजोरी का पूरा ‘ब्रेकअप’: कहाँ से आया कितना पैसा?
चंपत राय ने पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए बताया कि भक्तों का दान किस-किस माध्यम से मंदिर तक पहुंचा है:
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बैंकों से मिला बंपर ब्याज: इस पूरी कमाई का सबसे हैरान करने वाला और बड़ा हिस्सा बैंकों में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज से आया है। ट्रस्ट को विभिन्न बैंकों से कुल 204 करोड़ रुपये की शुद्ध आय केवल ब्याज के रूप में हुई है।
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ऑनलाइन डिजिटल माध्यम: तकनीक के इस दौर में भक्तों ने घर बैठे ट्रस्ट के बैंक खातों में यूपीआई (UPI) और नेट बैंकिंग के जरिए रिकॉर्ड 71 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।
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पार्क और मंदिर काउंटरों पर दान: मंदिर परिसर में बने आधिकारिक काउंटरों पर भक्तों ने सीधे 53 करोड़ रुपये की नकद राशि जमा की।
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मुख्य दान पात्र (गोलक): मंदिर के भीतर रखे गए मुख्य दान पात्रों को जब खोला गया, तो उसमें से 24 करोड़ 75 लाख रुपये कैश निकले।
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विदेशी भक्तों का दान (FCRA): सात समंदर पार बैठे राम भक्तों ने भी दिल खोलकर समर्पण किया, जिससे विदेशों से करीब 11 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई।
1300 किलो चांदी और 20 किलो सोना!
नकदी के अलावा राम भक्तों ने पिछले चार सालों (2020 से 2024 तक) में रामलला के चरणों में भर-भर कर बहुमूल्य धातुएं अर्पित की हैं:
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पिछले 4 वर्षों में मंदिर को कुल 1300 किलो चांदी दान में मिली है।
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इसी अवधि के दौरान भक्तों ने करीब 20 किलो शुद्ध सोना भी रामलला को समर्पित किया है।
राम मंदिर दान विवरण: एक नजर में (FY 2023-24)
| दान का माध्यम | प्राप्त राशि (रुपये में) |
| बैंक ब्याज (Bank Interest) | ₹204 करोड़ |
| ऑनलाइन/डिजिटल दान | ₹71 करोड़ |
| मंदिर काउंटरों पर नकद | ₹53 करोड़ |
| मुख्य दानपात्र (गोलक) | ₹24.75 करोड़ |
| विदेशी दान (FCRA) | ₹11 करोड़ |
| कुल नकद दान (2023-24) | ₹363.34 करोड़ |
| सोना (4 वर्षों में) | 20 किलोग्राम |
| चांदी (4 वर्षों में) | 1300 किलोग्राम |
