रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को देश के बेहतरीन निजी आवासीय विद्यालयों (Private Residential Schools) में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए बड़ी पहल कर रही है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कक्षा 6वीं से 12वीं तक पढ़ाई, रहना और खाना सब कुछ FREE!
इस योजना के तहत चयनित होने वाले होनहार छात्र-छात्राओं को राज्य के प्रतिष्ठित निजी आवासीय स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा:
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निःशुल्क शिक्षा: कक्षा छठवीं से लेकर बारहवीं तक की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी।
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इन खर्चों का वहन करेगी सरकार: विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस, हॉस्टल (छात्रावास) का खर्च, भोजन, गणवेश (यूनिफॉर्म), किताबें-लेखन सामग्री तथा अन्य सभी आवश्यक खर्चों का पूरा वहन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा किया जाएगा।
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आर्थिक बोझ से राहत: इस कदम से गरीब और मजदूर परिवारों को अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा और बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतरीन माहौल मिलेगा।
नोट कर लें जरूरी तारीखें और आवेदन का तरीका
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल और डिजिटल बनाई गई है:
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आवेदन की शुरुआत: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 22 जून से प्रारंभ हो चुकी है।
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अंतिम तिथि: इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 3 जुलाई 2026 तक ही आवेदन कर सकते हैं।
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यहाँ करें आवेदन: पात्र एवं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे श्रम विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.shramevjayate.cg.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
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वैकल्पिक साधन: इसके अलावा आवेदन की सुविधा निकटतम श्रम कार्यालय, लोक सेवा केंद्र (चॉइस सेंटर) तथा ‘श्रमेव जयते’ ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध कराई गई है।
सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की ओर कदम
राज्य सरकार की यह सोच है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को चाहे वह किसी भी वर्ग का हो, शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए। ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना’ के माध्यम से न केवल श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा मिलेगी, बल्कि भविष्य में वे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण भी कर सकेंगे।
