रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। राज्य सरकार द्वारा यूसीसी के अध्ययन के लिए 5 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किए जाने के बाद अब इस पर राजनीतिक बयानबाजी और वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
छत्तीसगढ़ में हर हाल में लागू होगी UCC: रामविचार नेताम
कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने साफ और कड़े शब्दों में कहा है कि छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होकर रहेगी। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि इसके लिए जो हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है, वह इसके हर कानूनी और सामाजिक पहलू का गंभीरता से अध्ययन करेगी।
मंत्री नेताम ने कांग्रेस को विकास विरोधी बताते हुए कहा:
“कांग्रेस को सरकार के हर अच्छे काम से तकलीफ होती है। कांग्रेसी नेताओं को अब समय की नजाकत को समझना चाहिए और हर चीज का विरोध करना बंद करना चाहिए।”
‘कांग्रेसी नेताओं को अब अपने चश्मे का नंबर बदल लेना चाहिए’
विपक्ष के रवैये और लगातार हो रहे विरोध पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने बेहद तंजिया लहजे में हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं की यह आदत बन चुकी है कि वे सरकार के जनहित के फैसलों और हर अच्छी चीज में सिर्फ ‘काला-पीला’ (कमियां) ही खोजते हैं।
विपक्ष को नसीहत देते हुए मंत्री नेताम ने कहा:
“कांग्रेसी नेताओं को अब अपने चश्मे का नंबर बदल लेना चाहिए, ताकि उन्हें सरकार द्वारा किए जा रहे प्रदेश के विकास और अच्छे काम भी साफ-साफ दिखाई दे सकें।”
क्यों गरमाई है छत्तीसगढ़ की राजनीति?
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कमेटी का गठन: छत्तीसगढ़ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति बनाई है।
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चुनावी वादा: भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में UCC लागू करने का संकल्प लिया था, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
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विपक्ष का रुख: कांग्रेस इस फैसले को लेकर सरकार की मंशा और जल्दबाजी पर लगातार सवाल उठा रही है, जिसके बाद से दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज है।
