Bilaspur Fraud: बिलासपुर में हाईटेक ठगी का मामला, डिमैट खाते से लाखों की रकम गायब

Bilaspur Fraud: बिलासपुर। शेयर बाजार से जुड़े निवेश खातों में सेंधमारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। तारबाहर थाना क्षेत्र के क्रांति नगर में रहने वाले एक व्यवसायी की शिकायत पर पुलिस ने डिमैट खाते से करीब 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने डिमैट खातों से जुड़ी ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर शेयर और म्यूचुअल फंड का हस्तांतरण कर दिया।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित के माता-पिता के नाम से एसएमसी ग्लोबल सिक्युरिटीज में संचालित डिमैट खातों में बिना अनुमति के बदलाव किए गए। मामले में करीब 44.35 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड और 31.25 लाख रुपये से अधिक मूल्य के शेयर ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है।

माता-पिता के नाम से संचालित थे डिमैट खाते

क्रांति नगर निवासी रत्नेश दुबे (47) ने पुलिस को बताया कि लिंक रोड स्थित नारायण प्लाजा में एसएमसी ग्लोबल सिक्युरिटीज के माध्यम से उनकी माता शकुंतला दुबे और पिता रमेश प्रसाद दुबे के नाम से डिमैट खाते संचालित थे।

इनमें एक संयुक्त खाता और एक व्यक्तिगत खाता शामिल था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बदल दिए गए। इसके बाद खातों से जुड़े शेयर और म्यूचुअल फंड का ट्रांसफर कर दिया गया।

12 जनवरी को मिली धोखाधड़ी की जानकारी

रत्नेश दुबे के अनुसार, उन्हें 12 जनवरी को खातों में हुई गड़बड़ी की जानकारी मिली। जांच करने पर पता चला कि निवेश खातों में अनधिकृत गतिविधियां हुई हैं।

इसके बाद उन्होंने बिलासपुर स्थित एसएमसी कार्यालय और रायपुर कार्यालय के अधिकारियों से संपर्क किया। साथ ही 26 जनवरी को कंपनी के आधिकारिक ई-मेल पर पूरे मामले की शिकायत भी भेजी गई।

पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई और खातों से जुड़े सभी विवरण उपलब्ध नहीं कराए गए।

31 लाख के शेयर और 44 लाख के म्यूचुअल फंड ट्रांसफर का आरोप

शिकायत के अनुसार, पांच दिसंबर 2023 को वेंचुरा सिक्युरिटीज से 31.25 लाख रुपये से अधिक मूल्य के शेयर और करीब 44.35 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड एसएमसी ग्लोबल सिक्युरिटीज के माध्यम से ट्रांसफर किए गए।

पीड़ित का कहना है कि इन बड़े लेन-देन की उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। एक बैंक खाते का बैलेंस शून्य बताया गया, जबकि दूसरे खाते की जानकारी देने से भी इनकार किया गया। इससे उन्हें धोखाधड़ी की आशंका और गहरा गई।

कंपनी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच

शिकायतकर्ता ने एसएमसी ग्लोबल सिक्युरिटीज के कर्मचारियों की भूमिका पर भी संदेह जताया है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और राशि वापस दिलाने की मांग की है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी किसके द्वारा बदले गए। इसके अलावा ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, आईपी एड्रेस, बैंक खातों और लाभार्थियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

तारबाहर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामले को प्रथम दृष्टया सही पाया और बीएनएस की धारा 318(4) और 316(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस धोखाधड़ी में किसी अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत थी या साइबर माध्यम से वारदात को अंजाम दिया गया।

ऐसे सामने आई धोखाधड़ी

  • डिमैट खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बिना जानकारी बदले गए।
  • इसके बाद शेयर और म्यूचुअल फंड से जुड़े लेन-देन किए गए।
  • 12 जनवरी को खाते की जानकारी लेने पर गड़बड़ी का पता चला।
  • कंपनी अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं मिलने पर पुलिस में शिकायत की गई।
  • अब पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही धोखाधड़ी में शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

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