पुरी/भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी में आयोजित भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान भारी भीड़ के चलते दो श्रद्धालुओं की मौत की दुखद खबर सामने आई है। रथयात्रा के दौरान ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर उमड़े लाखों श्रद्धालुओं के सैलाब के बीच दम घुटने और दिल का दौरा पड़ने से यह हादसे हुए। हालांकि, प्रशासन ने मौके पर किसी भी तरह की भगदड़ (Stampede) की घटना से साफ इनकार किया है।
भीड़ के कारण दम घुटने और हार्ट अटैक से हुई मौतें
जानकारी के अनुसार, भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए ग्रैंड रोड पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। इसी भीड़ के बीच दो अलग-अलग हादसों में दो लोगों की जान चली गई:
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हार्ट अटैक से युवक की मौत: मृतकों में क्योंझर के रहने वाले अनिल दास शामिल हैं। वे ग्रैंड रोड पर मारिचीकोट चौक के पास अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तत्काल पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) है।
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दम घुटने से महिला की मौत: अत्यधिक भीड़ और उमस के कारण ऑक्सीजन की कमी होने से एक महिला श्रद्धालु का दम घुट गया और उनकी भी मौत हो गई।
इसके अलावा, भीड़ बढ़ने से सांस लेने में तकलीफ होने और बेहोश होने के कारण कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: तैनात हैं 13 हजार पुलिसकर्मी और AI कैमरे
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) वाई. बी. खुरानिया ने बताया कि इतनी विशाल भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद है:
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सुरक्षा बल: रथयात्रा की सुरक्षा में 19 IPS अधिकारियों के नेतृत्व में लगभग 13,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
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केंद्रीय एजेंसियां: सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए CRPF, BSF और RAF की 15 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल (Coast Guard) और ओडिशा पुलिस की संयुक्त टीमें भी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
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AI तकनीक से निगरानी: पूरे रथयात्रा मार्ग की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पर पैनी नजर रखने के लिए 473 एआई (Artificial Intelligence) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें दो अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सीधे मॉनिटर किया जा रहा है।
