बिलासपुर | डिजिटल डेस्क छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की अलग-अलग बेंचों से आज राज्य सरकार से जुड़े तीन बड़े मामलों में महत्वपूर्ण फैसले और सख्त टिप्पणियां सामने आई हैं। चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने जहां स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और मिलेट चिक्की वितरण पर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, वहीं शिक्षाकर्मियों की पेंशन और अधीनस्थ लेखा सेवा परीक्षा को लेकर भी बड़े आदेश दिए गए हैं।
दिन भर की तीनों मुख्य अदालती कार्रवाइयों का विस्तृत ब्योरा नीचे पढ़ें:
1. Mid-Day Meal: “सिर्फ 7 जिलों में ही मिलेट चिक्की क्यों?” – हाईकोर्ट का सरकार से सवाल
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (Mid-Day Meal) योजना की बदहाली और अनियमितताओं पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सख्त रुख अपनाया है।
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स्वत: संज्ञान पर PIL: मीडिया रिपोर्टों पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया और एक न्यायमित्र (Amicus Curiae) नियुक्त किया था।
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7 जिलों का मामला: सुनवाई के दौरान न्यायमित्र ने बताया कि मुख्य सचिव के शपथ पत्र के अनुसार सप्ताह में 3 दिन 20 ग्राम मिलेट चिक्की देने का लाभ केवल 7 जिलों (नियद नेल्लानार योजना वाले 5 जिले तथा जशपुर और रायगढ़) को ही मिल रहा है।
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कोर्ट की चिंता: हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि जब यह फैसला बच्चों के पोषण के लिए लिया गया है, तो बाकी 26 जिलों के बच्चों को इससे वंचित क्यों रखा गया है?
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अगली सुनवाई: कोर्ट ने राज्य सरकार से इस भेदभाव और योजना के विस्तार पर विस्तृत जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।
2. शिक्षाकर्मियों की पेंशन: हाईकोर्ट ने खारिज की सरकार की रिट अपील
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शिक्षाकर्मियों से ‘शिक्षक एलबी’ (LB) बने कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े मामले में राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है।
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रिट अपील खारिज: राज्य सरकार द्वारा दायर रिट अपील को खारिज करते हुए कोर्ट ने सिंगल बेंच के पूर्व आदेश को बरकरार रखा है।
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संविलियन से पूर्व की सेवा अवधि: कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि संविलियन (Merger) से पहले की शिक्षाकर्मी सेवा अवधि को पेंशन पात्रता (Pension Eligibility) में शामिल करने के संदर्भ में स्पष्ट और सर्वसमावेशी नीति बनाई जाए।
3. भर्ती परीक्षा रद्द: अधीनस्थ लेखा सेवा विभागीय परीक्षा 2017 निरस्त
हाईकोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने ‘छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा विभागीय परीक्षा भाग-2, 2017’ के परिणाम को रद्द कर दिया है।
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आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न: सुनवाई में यह साबित हुआ कि परीक्षा में विज्ञापित पाठ्यक्रम (Syllabus) से बाहर के प्रश्न पूछे गए थे।
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नियमों का उल्लंघन: परीक्षा से ठीक पहले एडमिट कार्ड के माध्यम से नया विषय जोड़ना नियमों के विपरीत पाया गया।
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दोबारा परीक्षा का आदेश: कोर्ट ने वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि पहले स्पष्ट और सही पाठ्यक्रम जारी किया जाए, अभ्यर्थियों को तैयारी का पर्याप्त समय दिया जाए और उसके बाद ही दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।
