Kabirdham News: वीबी जीरामजी योजना का बड़ा कदम, स्कूलों में शौचालय निर्माण पर 5.53 करोड़ रुपये स्वीकृत

Chhattisgarh Kabirdham News: कबीरधाम। कबीरधाम जिले के 129 शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं के लिए आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 5 करोड़ 53 लाख 90 हजार रुपये की स्वीकृति विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जीरामजी) के तहत प्रदान की गई है। यह स्वीकृति उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर दी गई है, जिससे स्कूलों में बालिकाओं को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शौचालय निर्माण के लिए स्कूलों की सूची जिला पंचायत को भेजी गई थी। प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्वीकृति जारी की गई, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार हो सके और स्वच्छ कबीरधाम अभियान को मजबूती मिले।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने योजना के शुभारंभ के दौरान कहा था कि वीबी जीरामजी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ स्कूलों में बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। इसी कड़ी में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ग्राम पंचायतें होंगी निर्माण एजेंसी

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण का कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में 4 लाख 30 हजार रुपये की लागत से शौचालय का निर्माण होगा। सभी निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश संबंधित एजेंसियों को दिए गए हैं। साथ ही गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

चारों जनपदों में इतनी राशि स्वीकृत

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल के अनुसार-

  • जनपद पंचायत बोड़ला की 25 शालाओं के लिए 1 करोड़ 7 लाख 50 हजार रुपये,
  • जनपद पंचायत कवर्धा की 3 शालाओं के लिए 12 लाख 90 हजार रुपये,
  • जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा की 15 शालाओं के लिए 64 लाख 50 हजार रुपये,
  • जनपद पंचायत पंडरिया की 86 शालाओं के लिए 3 करोड़ 69 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार, बालिकाओं को बेहतर सुविधा

शौचालय निर्माण कार्य से जहां स्कूलों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। अनुमान है कि 129 शौचालयों के निर्माण से 75 से 80 लाख रुपये की मजदूरी ग्रामीण श्रमिकों के खातों में पहुंचेगी।

वीबी जीरामजी योजना के माध्यम से एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी अधोसंरचना का विकास होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार सृजन और स्कूलों में बालिकाओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी।

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