नई दिल्ली / अंबिकापुर: “जब मुझे भाई के जन्म प्रमाण पत्र के लिए 500 रुपये की रिश्वत देनी पड़ी, तो मुझे बहुत बुरा लगा था।”— UPSC की तैयारी के दौरान एक मॉक इंटरव्यू में यह बात कहने वाले आईआईटी-बीएचयू (IIT-BHU) से पढ़े राहुल बंसल आज खुद एक गंभीर रिश्वतकांड के केंद्र में आ गए हैं।
वर्ष 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी और छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में सिटी SP पद पर तैनात राहुल बंसल पर एक साइबर अपराध मामले में आरोपी से ₹1 करोड़ से अधिक की घूस हवाला चैनल के जरिए लेने के आरोप लगे हैं।
इस घटनाक्रम के सामने आते ही सोशल मीडिया पर राहुल बंसल का पुराना इंटरव्यू वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे रिश्वतखोरी और पुलिस सुधारों पर बात करते नजर आ रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पिछले साल 22 जुलाई को सरगुजा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एक साइबर धोखाधड़ी की एफआईआर (FIR) से जुड़ा है।
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21.15 लाख रुपये का फ्रॉड: स्थानीय निवेशक रवि मोहम गोस्वामी ने ‘मनी ट्रेड 365’ और ‘स्काईट्रेड’ जैसे फर्जी ऑनलाइन स्टॉक इन्वेस्टमेंट ऐप्स के जरिए ₹21.15 लाख की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
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23 लोगों की गिरफ्तारी: मामले की जांच का जिम्मा बंसल और उनकी टीम के पास था। पुलिस ने विभिन्न राज्यों से अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया है और 5 चार्जशीट दाखिल की हैं।
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हवाला के जरिए घूस का आरोप: गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) रणधीर शाह भी शामिल हैं। रणधीर के रिश्तेदार आकाश कुमार ने सीबीआई (CBI) में शिकायत दर्ज कराई कि IPS राहुल बंसल और उनके कुछ अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों ने मामला रफा-दफा करने के लिए 1 करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत मांगी और हवाला के जरिए उसे स्वीकार किया।
शिकायत पर सीबीआई की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया न मिलने पर शिकायतकर्ता ने दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत का रुख किया। 1 जुलाई को अदालत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ डीजीपी और सीबीआई निदेशक से रिपोर्ट मांगी, जिसे प्रस्तुत कर दिया गया है।
मॉक इंटरव्यू और हकीकत का अंतर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 1.5 मिनट के वीडियो में इंटरव्यूअर राहुल से पूछता है कि ‘नागरिक सेवाओं के भ्रष्ट और अकुशल होने’ की धारणा पर उनकी क्या राय है।
राहुल बंसल का पुराना जवाब:
“कुछ लोग भ्रष्ट और अकुशल हो सकते हैं, लेकिन पूरी सेवा को दोष नहीं दिया जा सकता। जब मेरे भाई को आईआईटी कानपुर से अमेरिका में पेपर प्रेजेंट करने जाना था, तो बर्थ सर्टिफिकेट के लिए पंचायत सचिव ने 7 दिन तक चक्कर कटवाए। समय कम होने के कारण मुझे 500 रुपये रिश्वत देनी पड़ी, जिससे मुझे बहुत बुरा लगा।”
आज जब उन पर खुद ₹1 करोड़ की घूसखोरी का आरोप लगा है, तो लोग उनके पुराने विचारों और वर्तमान स्थिति के अंतर पर सवाल उठा रहे हैं।
IIT इंजीनियर से लेकर IPS बनने तक का सफर
जयपुर के रहने वाले राहुल बंसल का शैक्षणिक और व्यावसायिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है:
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आईआईटी बीएचयू: 2011 से 2015 के दौरान इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक (8.14 ग्रेड)।
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कॉरपोरेट अनुभव: अमेरिका की दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी ‘क्वॉलकॉम’ (Qualcomm) में एसोसिएट इंजीनियर के रूप में काम किया।
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सरकारी सेवा: 2017 से 2018 के बीच पश्चिम बंगाल (जलपाईगुड़ी) में आयकर निरीक्षक (Income Tax Inspector) रहे।
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अन्य डिग्रियां: इग्नू से गणित में बी.एससी और राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की पढ़ाई की।
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UPSC सफलता: अगस्त 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 377वीं रैंक हासिल कर आईपीएस (छत्तीसगढ़ कैडर) के लिए चुने गए।
अब आगे क्या?
इस पूरे विवाद पर राहुल बंसल ने फिलहाल कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। उनके वकील मनीष तिवारी ने भी मीडिया के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली कोर्ट में शिकायतकर्ता की याचिका लंबित है और आगे की कानूनी कार्रवाई कोर्ट व सीबीआई की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
