Chhattisgarh Bilaspur News: बिलासपुर। केंद्रीय जेल में विचाराधीन बंदी श्रवण सूर्यवंशी की मौत के ढाई साल बाद सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब मामले की जांच सीबीआई करेगी। शुक्रवार शाम सीबीआई की टीम सिविल लाइन थाने पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन किया।
जानकारी के अनुसार, सीपत क्षेत्र के मोहरा निवासी श्रवण सूर्यवंशी (34) को आबकारी एक्ट के मामले में सीपत पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह 19 जनवरी 2024 से केंद्रीय जेल में बंद था। जेल में तबीयत बिगड़ने पर 21 जनवरी 2024 को उसे सिम्स अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान 22 जनवरी की सुबह उसकी मौत हो गई।
मामले की न्यायिक जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निकसन डेविड लकड़ा ने की थी। 22 जुलाई 2024 को प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में पोस्टमार्टम, एफएसएल, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष दिया गया कि श्रवण की मौत सिर में आई गंभीर चोट और उसकी जटिलताओं के कारण हुई थी।
जांच रिपोर्ट में चोट किसी कठोर और भोथरी वस्तु से लगना संभावित बताया गया। इसके बाद अधिकारियों ने हत्या का अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए। न्यायिक जांच के दौरान मृतक के स्वजन और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। इलाज के दस्तावेज और न्यायिक जांच रिपोर्ट को हत्या का मामला दर्ज करने का प्रमुख आधार माना गया।
इसके बाद सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं, हिरासत में मौत के मामले में स्वजन ने मुआवजा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हाई कोर्ट में आवेदन दिया। बाद में स्वजन सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया। शुक्रवार को सीबीआई की टीम सिविल लाइन थाने पहुंची और केस डायरी तथा मजिस्ट्रेट जांच प्रतिवेदन की कॉपी का अवलोकन किया। अब सीबीआई मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है।
श्रवण की पत्नी लहराबाई ने पति की मौत के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने सीपत थाने में पदस्थ हवलदार उमाशंकर राठौर और उसके साथ आए अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया था। न्यायिक जांच के दौरान भी महिला ने हवलदार द्वारा अपने पति को थाने ले जाने की बात कही थी। सीबीआई जांच के दौरान सीपत थाने की डायरी और अन्य संबंधित दस्तावेजों का भी अवलोकन किया जा सकता है।
एएसपी सिटी बिलासपुर पंकज पटेल ने बताया कि हिरासत में मौत के मामले में जांच के लिए सीबीआई की टीम सिविल लाइन थाने पहुंची थी। टीम को केस डायरी सौंप दी गई है। अब आगे की जांच सीबीआई करेगी।
