नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आज से बैडमिंटन की सबसे बड़ी प्रतियोगिता ‘BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप’ शुरू हो रही है। भारत 17 साल लंबे इंतजार के बाद (इससे पहले 2009 हैदराबाद) इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। 23 अगस्त तक चलने वाले इस 30वें एडिशन में दुनिया भर के दिग्गज शटलर आमने-सामने होंगे।
1. क्या है बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप?
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स्वरूप: यह बैडमिंटन जगत का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है, जिसका आयोजन बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) द्वारा किया जाता है।
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फ्रीक्वेंसी: ओलंपिक वर्ष को छोड़कर यह हर साल आयोजित होता है।
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इतिहास: पहली बार 1977 में स्वीडन में आयोजित हुआ था। शुरुआत में यह हर 3 साल और 1983 के बाद हर 2 साल पर होता था, जो अब सालाना आयोजित किया जाता है।
2. 5 कैटेगरी में होंगे मुकाबले
टूर्नामेंट में कुल 5 प्रतिस्पर्धाएं होती हैं—पुरुष सिंगल्स, महिला सिंगल्स, पुरुष डबल्स, महिला डबल्स और मिक्स्ड डबल्स।
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मेडल नियम: प्रत्येक कैटेगरी के विजेता को गोल्ड और उपविजेता को सिल्वर मिलता है। सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों/जोड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है।
3. सबसे सफल देश और खिलाड़ी
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चीन का दबदबा: ऑल-टाइम मेडल तालिका में चीन शीर्ष पर है। चीन के लिन डैन ने सबसे ज्यादा 5 बार इंडिविजुअल गोल्ड जीता है।
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महिला वर्ग: स्पेन की कैरोलिना मारिन और जापान की अकाने यामागुची 3-3 बार वर्ल्ड चैंपियन बन चुकी हैं।

4. वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का इतिहास
भारत ने इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक कुल 15 मेडल (1 गोल्ड, 4 सिल्वर, 10 ब्रॉन्ज) जीते हैं:
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पहला मेडल: 1983 में प्रकाश पादुकोण ने ब्रॉन्ज दिलाकर शुरुआत की थी।
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पहला और इकलौता गोल्ड: 2019 में पीवी सिंधु ने भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया था।
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निरंतरता: साल 2011 से भारत ने हर एडिशन में कम से कम एक मेडल जरूर जीता है।
5. भारत के 10 खिलाड़ी, सभी 5 श्रेणियों में दांव
भारतीय दल में कुल 10 खिलाड़ी/जोड़ियां मैदान में उतर रही हैं:
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पुरुष सिंगल्स: लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी
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महिला सिंगल्स: पीवी सिंधु (9वीं सीड), उन्नति हुडा
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पुरुष डबल्स: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी & चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्सकरुनन & एमआर अर्जुन
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महिला डबल्स: त्रिशा जॉली & गायत्री गोपीचंद, कविप्रिया सेल्वम & सिमरन सिंघी
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मिक्स्ड डबल्स: ध्रुव कपिला & तनीषा क्रास्टो, रोहन कपूर & रुथविका गद्दे, आशिथ सूर्या & अमृता प्रमुथेश
6. भारत की पदक उम्मीदें
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पीवी सिंधु: 5 मेडल जीत चुकीं सिंधु हाल ही में जापान ओपन जीतकर बेहतरीन फॉर्म में हैं। वे अपने छठे मेडल की तलाश में उतरेंगी।
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सात्विक-चिराग: भारत की स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी लगातार दूसरी बार मेडल जीतने के इरादे से कोर्ट पर उतरेगी।
7. भारत में दूसरी बार मेजबानी
इससे पहले भारत ने साल 2009 में हैदराबाद के गाचीबोवली इंडोर स्टेडियम में इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी, जहां चीन के लिन डैन ने लगातार तीसरा पुरुष सिंगल्स खिताब जीता था। 17 साल बाद अब दिल्ली का इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का साक्षी बनने जा रहा है।
