रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित 53वीं कैबिनेट बैठक संपन्न हो गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के युवाओं, सरकारी कर्मचारियों, उद्योगों और न्यायिक ढांचे से जुड़े कई ऐतिहासिक प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।
सरकार के इन फैसलों से राज्य में स्टार्टअप, कौशल विकास और सरकारी सेवाओं में पदोन्नति/नई नौकरियों के अवसरों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।
1 ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी (₹500 करोड़ का बजट)
प्रदेश के युवाओं को ‘जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर’ बनाने के लिए कैबिनेट ने इस मिशन को हरी झंडी दी है:
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बजट: आगामी 5 वर्षों के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर: प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित होंगे।
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NIPUN JOB Engine: इसके माध्यम से उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को ट्रेनिंग देकर औपचारिक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
2 सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत: उम्र सीमा 38 से बढ़कर हुई 45 वर्ष
राज्य सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा और कल्याणकारी फैसला लिया है:
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किन्हें मिलेगा लाभ: स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवक, निगम-मंडल व स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारी, संविदाकर्मी और नगर सैनिक।
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क्या हुआ बदलाव: अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा को 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दिया गया है। इससे सेवारत कर्मचारियों को उच्च पदों पर जाने का समान अवसर मिलेगा।
3 ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ स्वीकृत
राज्य को देश के प्रमुख एक्सपोर्ट हब (Export Hub) के रूप में विकसित करने के लिए नई नीति 2026-30 को मंजूरी दी गई है:
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इसके तहत मजबूत लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और मूल्य संवर्धित (Value-added) कृषि व औद्योगिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
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ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों के जरिए प्रदेश के निर्यातकों को सीधे ग्लोबल मार्केट से जोड़ा जाएगा।
4 नवा रायपुर में बनेगा ‘नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ (NSTI)
नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है:
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लागत: लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से इस अत्याधुनिक संस्थान का निर्माण होगा।
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ट्रेनिंग क्षमता: यहां हर साल 1,000 युवाओं को दीर्घकालिक और 3,000 प्रशिक्षुओं को अल्पकालीन उच्च-स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
5 दुर्ग जिले में बनेगा नया आधुनिक जिला न्यायालय भवन
दुर्ग में नए जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है:
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ग्राम तितुरडीह (BIT कॉलेज के पास) में 4 हेक्टेयर भूमि न्यायालय भवन के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
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भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की इस जमीन के बदले ग्राम पाहंदा (पाटन) में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि संयंत्र को दी जाएगी।
