ओस्लो। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की नॉर्वे यात्रा के दौरान हवाई सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट सामने आया। मोल्डोवा से ओस्लो के लिए जेलेंस्की की उड़ान के दौरान ड्रोन की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद कुछ समय के लिए एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगाए गए। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कई उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ा। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे ने दावा किया कि जेलेंस्की के विमान के उड़ान भरने के दौरान ड्रोन बेहद करीब आ गया था और विमान संभावित टक्कर से बाल-बाल बचा। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने इस दावे को अलग तरीके से बताया है। उनके मुताबिक मोल्डोवा और रोमानिया के हवाई क्षेत्र में रूसी ड्रोन की गतिविधि के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन इसे सीधे जेलेंस्की के विमान पर हमले की कोशिश के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
उड़ान के दौरान क्यों लगाया गया एयरस्पेस प्रतिबंध?
जेलेंस्की 8 सितंबर को मोल्डोवा से नॉर्वे की राजधानी ओस्लो के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान ड्रोन की सूचना मिलने के बाद मोल्डोवा के हवाई क्षेत्र में अस्थायी पाबंदियां लागू की गईं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए विमान संचालन प्रभावित हुआ और कुछ उड़ानों में देरी की स्थिति बनी। मोल्डोवा के अधिकारियों के अनुसार, एक ड्रोन देश के क्षेत्र में गिरा था, जबकि दूसरे ड्रोन की गतिविधि रोमानिया की दिशा में दर्ज की गई। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने स्थिति सामान्य होने तक हवाई यातायात को नियंत्रित किया।
नॉर्वे के पीएम ने बताया विमान के लिए कितना बड़ा था खतरा?
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे ने सार्वजनिक प्रसारक NRK को दिए बयान में कहा कि जेलेंस्की का विमान उड़ान भरते समय ड्रोन से टकराने की स्थिति के काफी करीब पहुंच गया था। उन्होंने इस घटना को यूक्रेनी राष्ट्रपति की विदेश यात्राओं के दौरान मौजूद युद्धकालीन सुरक्षा जोखिम का उदाहरण बताया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ड्रोन वास्तव में जेलेंस्की के विमान से कितनी दूरी पर था। साथ ही यह भी स्पष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है कि ड्रोन को विशेष रूप से यूक्रेनी राष्ट्रपति के विमान को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था।
यूक्रेनी पक्ष ने सीधे हमले की बात से किया इनकार
नॉर्वे के प्रधानमंत्री के बयान के बाद यूक्रेनी पक्ष की ओर से घटना की अलग व्याख्या सामने आई। राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, रूसी ड्रोन की क्षेत्र में मौजूदगी के कारण सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था। इसका असर हवाई यातायात और जेलेंस्की की उड़ान पर भी पड़ा। हालांकि, सूत्र ने संकेत दिया कि राष्ट्रपति के विमान पर सीधे हमले या तत्काल टक्कर के खतरे को बढ़ाकर पेश किया गया है। ऐसे में ड्रोन अलर्ट की पुष्टि होने के बावजूद विमान को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का दावा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
नॉर्वे में अंतिम संस्कार में शामिल हुए जेलेंस्की
ड्रोन अलर्ट के बीच नॉर्वे पहुंचे जेलेंस्की ने ओस्लो में आयोजित राजकीय अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे सहित वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। जेलेंस्की की इस यात्रा का महत्व केवल राजकीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन की सुरक्षा जरूरतों और यूरोपीय देशों के साथ रक्षा सहयोग को लेकर भी नॉर्वे में अहम बातचीत हुई।
एयर डिफेंस और रक्षा सहयोग पर हुई चर्चा
ओस्लो में यूक्रेन और नॉर्वे के नेतृत्व के बीच बातचीत में एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य सहायता और रक्षा उत्पादन जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। दोनों पक्षों ने यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मजबूत करने और यूरोपीय रक्षा क्षमता को बढ़ाने के लिए सहयोग पर चर्चा की। लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच यह घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति की विदेश यात्राओं के दौरान भी हवाई सुरक्षा कितनी बड़ी चुनौती बनी हुई है। मोल्डोवा में सामने आया ड्रोन अलर्ट इसी व्यापक सुरक्षा खतरे की एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
