जमुई (बिहार): बिहार के जमुई जिले में दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा से यौन उत्पीड़न और उसके दोस्त के साथ बर्बरता के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को मंगलवार को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लगने से आरोपी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए हिरासत में रखा गया है।
मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार और जमुई पुलिस प्रशासन ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस ने इस ऑपरेशन के दौरान एक अन्य आरोपी हरिराम यादव को भी गिरफ्तार किया है।
एनकाउंटर और अब तक हुई गिरफ्तारियां
पुलिस के अनुसार, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद गठित विशेष जांच टीम (SIT) लगातार आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दे रही थी। मंगलवार को जब पुलिस टीम ने घेराबंदी की, तो मुख्य अभियुक्त नंदन यादव ने भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया गया।
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अब तक कुल गिरफ्तारियां: 5
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मुख्य आरोपी: नंदन यादव (एनकाउंटर में घायल)
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सह-आरोपी: हरिराम यादव
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नाबालिग आरोपी: 3 (उन्हें पुलिस पहले ही निरुद्ध/गिरफ्तार कर चुकी है)
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तलाश जारी: वीडियो के आधार पर पहचाने गए अन्य 2 आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
क्या है पूरा मामला? (SP विश्वजीत दयाल का बयान)
जमुई के पुलिस अधीक्षक (SP) विश्वजीत दयाल के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर की शाम लगभग 7:00 बजे जमुई थाना क्षेत्र की है।
दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्र-छात्रा (जो एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते हैं) कोचिंग के बाद पास के एक इलाके में गए थे। इसी दौरान 6 से 7 युवकों के समूह ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने स्कूटर से दोनों को जबरन उतारा, गाली-गलौज की और छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न व बदसलूकी की। जब छात्र ने अपनी दोस्त को बचाने की कोशिश की, तो उसके साथ भी गंभीर मारपीट की गई।
एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया:
“21 सितंबर की सुबह एक वीडियो संज्ञान में आया था, जिसमें दो नाबालिग छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था। वीडियो के आधार पर पुलिस ने पीड़ितों की पहचान की और उनका बयान दर्ज किया। पीड़ितों ने शुरुआत में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन संपर्क करने पर उन्होंने आवेदन दिया, जिसके आधार पर तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई।”
साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन: 120 सोशल मीडिया हैंडल पर FIR
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने और पीड़िता की पहचान उजागर होने पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। जमुई साइबर पुलिस स्टेशन ने लगभग 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल धारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है:
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कानूनी अपराध: POCSO (पोक्सो) एक्ट और भारतीय कानून के तहत किसी भी नाबालिग पीड़ित/पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना, फोटो या वीडियो शेयर करना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।
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अपील: पुलिस ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि इस संवेदनशील और आपत्तिजनक वीडियो को किसी भी प्लेटफॉर्म (व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम) पर शेयर, फॉरवर्ड या रीपोस्ट न करें।
आगे की कानूनी कार्रवाई
मामले की जांच जमुई SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में गठित SIT कर रही है। पुलिस का कहना है कि बाकी बचे आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर मामले में स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) चलाकर सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
