India Delhi News: नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। करीब 76 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने नक्सलवाद, महिला आरक्षण, विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, युवाओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश को अपनी सोच और वर्क कल्चर में बदलाव लाना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि हथियारबंद नक्सलवाद खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ा है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सलियों’ से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समाज को गलत दिशा में ले जाने और युवाओं को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। पीएम ने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानकर उनसे दूरी बनानी होगी और युवा पीढ़ी को विकसित राष्ट्र के निर्माण से जोड़ना होगा।
महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि वे देश की नीतियों के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण लागू करने में सहयोग करने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य दोहराते हुए कहा कि देश की दिशा तय हो चुकी है। अब इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्य संस्कृति और सोच में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों में जो काम नहीं हो सके, उन्हें आने वाले 5 से 7 वर्षों में पूरा करने का प्रयास करना होगा।
ग्लोबलाइजेशन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है। दुनिया में कई चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन देश की अपनी क्षमताओं को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपने हितों की सुरक्षा के लिए भारत को अपनी क्षमता बढ़ानी होगी और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।
युवाओं के लिए प्रधानमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए विभिन्न परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही गई।
प्रधानमंत्री ने आपदाओं और चुनौतियों का सामना करने के लिए बड़े सपने देखने और मजबूत संकल्प लेने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि देश को अब छोटे सपनों से काम नहीं चलाना है। बड़े सपने सोच को विस्तार देते हैं और दृढ़ संकल्प के साथ कठिन परिस्थितियों के बीच से भी रास्ता निकाला जा सकता है।
इससे पहले लाल किले पर प्रधानमंत्री मोदी ने तिरंगा फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी दी गई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम् का गायन भी हुआ।
