Raipur News: कम्यूटेड पेंशन की 15 वर्ष की अवधि घटाकर 11 वर्ष करने की मांग, वीरेन्द्र नामदेव ने विशेषज्ञ अध्ययन पर दिया जोर

Chhattisgarh Raipur News: रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ ने कम्यूटेड पेंशन की राशि की वसूली के लिए निर्धारित 15 वर्ष की अवधि को घटाकर 11 वर्ष किए जाने की मांग की है। महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि वर्तमान आर्थिक और एक्चुरियल परिस्थितियों को देखते हुए कम्यूटेड पेंशन की पुनर्बहाली की अवधि की नए सिरे से समीक्षा किया जाना आवश्यक है।

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार सेवानिवृत्ति के समय पेंशन का अधिकतम 40 प्रतिशत हिस्सा कम्यूट कराया जा सकता है। इसके बदले प्राप्त एकमुश्त राशि के कारण पेंशन की संबंधित राशि में कटौती होती है और सामान्यतः 15 वर्ष बाद कम्यूटेड पेंशन पुनर्स्थापित होती है। महासंघ का कहना है कि मौजूदा वित्तीय परिस्थितियों को देखते हुए इस अवधि पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।

वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि कम्यूटेशन के समय निर्धारित गणना, ब्याज दर, जीवन प्रत्याशा और अन्य वित्तीय आधारों में समय के साथ महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। ऐसे में 15 वर्ष की अवधि को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप पुनर्निर्धारित करने के लिए विशेषज्ञों से एक्चुरियल अध्ययन कराया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि भारत पेंशनर्स समाज ने केंद्र सरकार और 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से कम्यूटेड पेंशन की बहाली की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष करने की मांग की है। यह मुद्दा हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 16 सितंबर 2026 के निर्णय के बाद भी चर्चा में आया है, जिसमें बदली हुई परिस्थितियों में इस विषय की तार्किक और एक्चुरियल आधार पर जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 मई 2026 के एक निर्णय में वर्तमान 15 वर्ष की अवधि को वैध माना है और इसे विशेषज्ञ आकलन एवं नीतिगत निर्णय पर आधारित बताया है। ऐसे में 11 वर्ष में कम्यूटेड पेंशन की बहाली फिलहाल लागू सरकारी व्यवस्था नहीं है, बल्कि पेंशनर्स संगठनों की प्रमुख मांग है।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की ओर से वीरेन्द्र नामदेव ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग की है कि कम्यूटेड पेंशन की अवधि पर पुनर्विचार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाए और एक्चुरियल अध्ययन के आधार पर पेंशनरों के हित में 11 वर्ष बाद पूरी पेंशन बहाल करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि इससे लंबे समय से पेंशन कटौती का सामना कर रहे वरिष्ठ पेंशनरों को आर्थिक राहत मिल सकेगी।

 

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