डिजिटल डेस्क | रायपुर मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत में मानसून की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 से 29 जुलाई के बीच छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले पांच दिनों तक इन राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश: लगातार 5 दिनों तक झमाझम
छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून की ट्रफ रेखा काफी नीचे आ चुकी है।
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जलाशयों और खेती को राहत: जुलाई के अंतिम सप्ताह में हो रही यह बारिश राज्य के जलाशयों का जलस्तर बढ़ाने और किसानों की फसलों के लिए काफी मददगार साबित होगी।
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अधिकांश हिस्सों में बारिश: अगले 5 दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में रुक-रुक कर और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी।
झारखंड, राजस्थान और बिहार में भी अलर्ट
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झारखंड (येलो अलर्ट): रांची मौसम केंद्र के अनुसार, 15 से अधिक जिलों में 25 और 26 जुलाई को गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात की आशंका है।
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राजस्थान: अजमेर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग में 25 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
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बिहार: उत्तरी और उत्तर-पूर्वी जिलों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का अंदेशा है। हालांकि, राजधानी पटना समेत दक्षिणी हिस्से में मौसम सामान्य रहेगा।
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उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और तराई इलाकों में मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि दक्षिणी व मध्य भागों में मौसम शुष्क रहेगा।
मौसम की वजह: क्यों हो रही है इतनी तेज बारिश?
जलवायु वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून की ट्रफ रेखा (Trough Line) अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकी हुई है। बंगाल की खाड़ी से आ रही अत्यधिक नमी युक्त हवाएं सीधे मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों से टकरा रही हैं, जिससे मानसूनी हवाओं को नई ताकत मिली है।
मौसम विभाग की अपील: अगले 48 से 72 घंटों के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) और भारी बारिश का खतरा अधिक है। आम नागरिक खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें।
