Naugai Hatyakand: कोरिया तिहरा हत्याकांड: बैकुंठपुर पहुंचे करणी सेना अध्यक्ष राज शेखावत, गृहमंत्री के इस्तीफे और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग

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बैकुंठपुर/कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बहुचर्चित नौगई तिहरे हत्याकांड को लेकर सियासत और सामाजिक आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत सोमवार को बैकुंठपुर पहुंचे। उन्होंने मृतक भरत सिंह की तेरहवीं पर उनके निवास जाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज शेखावत ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। इस दौरान करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर सहित संगठन के कई पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

कानून-व्यवस्था पर सवाल, गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग परिजनों से मुलाकात के बाद डॉ. राज शेखावत ने मीडिया से चर्चा में प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नौगई तिहरे हत्याकांड में पीड़ित परिवार स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है और इतने दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने सूबे के गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी। शेखावत ने दो टूक कहा कि यदि प्रदेश की कानून-व्यवस्था संभाली नहीं जा रही है, तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने हत्याकांड के खूंखार आरोपियों का एनकाउंटर किए जाने की भी मांग रखी।

CBI जांच की मांग और 19 जुलाई को महा-श्रद्धांजलि सभा का ऐलान करणी सेना प्रमुख ने मामले की निष्पक्षता के लिए CBI जांच अथवा उच्च स्तरीय एसआईटी (SIT) जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आगामी 19 जुलाई को नौगई में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से समाज के लोग जुटेंगे और न्याय की मांग को बुलंद करेंगे।

क्या थी पूरी घटना? गौरतलब है कि बीते 16 जून की रात को एक फॉर्च्यूनर वाहन में आग लगाए जाने की दर्दनाक घटना सामने आई थी। इस हादसे में भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष व व्यवसायी भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह की मौत हो गई थी। वहीं, मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज क्रमशः बिलासपुर के अपोलो और रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में जारी है। मामले में पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन परिजनों और करणी सेना का आरोप है कि घटना में शामिल सभी 25 से 26 आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द होनी चाहिए।

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