नई दिल्ली/रायपुर। आम जनता की रसोई में हर दिन इस्तेमाल होने वाला टमाटर एक बार फिर लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगा है। देश के कई राज्यों के खुदरा बाजारों में टमाटर की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। मौसम की दोहरी मार, भीषण गर्मी और मानसून की धीमी शुरुआत की वजह से टमाटर की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिसका सीधा असर अब मंडियों और खुदरा बाजारों में बढ़ती कीमतों के रूप में दिखाई दे रहा है।
रसोई का बजट बिगड़ा: पिछले साल से 23% तक महंगा हुआ टमाटर
देश के बड़े उत्पादक राज्यों से टमाटरों की सप्लाई (आवक) कम होने के कारण कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाजारों में टमाटर की खुदरा कीमतें:
-
पिछले महीने के मुकाबले 16% तक बढ़ चुकी हैं।
-
पिछले साल की इसी समान अवधि (Year-on-Year) के मुकाबले करीब 23% महंगी हो चुकी हैं।
ऐसे में रोजाना की सब्जी और दाल में टमाटर का तड़का लगाने वाले आम उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में अपनी रसोई के बजट पर पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है।
-
दामों में उछाल: पिछले साल के मुकाबले टमाटर की खुदरा कीमतों में 23% की भारी बढ़ोतरी।
-
बड़ा कारण: प्रमुख उत्पादक राज्यों में खराब मौसम और भीषण गर्मी से फसलें प्रभावित, मंडियों में सप्लाई घटी।
-
असर: घरों की रसोई के साथ-साथ होटल और रेस्तरां ने भी टमाटर का इस्तेमाल कम किया।
आखिर क्यों अचानक बढ़ रहे हैं टमाटर के दाम?
टमाटर की कीमतों में लगी इस आग की सबसे बड़ी वजह मौसम का मिजाज है। जून से अगस्त और अक्टूबर से नवंबर के दौरान अक्सर टमाटर की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि टमाटर की फसल पूरी तरह मौसम पर निर्भर होती है। इस बार गर्मी के सीजन में कम खेती और कई प्रमुख राज्यों में अचानक मौसम खराब होने से फसलें बर्बाद हुईं, जिससे बाजारों में सप्लाई अचानक घट गई। हालांकि, माना जा रहा है कि इस साल टमाटर का कुल उत्पादन पिछले साल से बेहतर रहेगा, लेकिन तात्कालिक सप्लाई चेन प्रभावित होने से कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस बार भी टमाटर की कीमत 100 रुपए के पार चली जाएगी?
होटल और रेस्तरां से भी गायब होने लगा टमाटर
महंगे टमाटर का असर अब सिर्फ आम घरों के बजट पर ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। टमाटर की बढ़ती लागत के कारण होटल और रेस्तरां कारोबारियों ने अपने खाने में टमाटर का इस्तेमाल करना काफी कम कर दिया है, ताकि उनकी जेबों पर ज्यादा गहरा असर न पड़े और उन्हें खाने के दाम न बढ़ाने पड़ें।
