सक्ती। सक्ती जिले के मालखरौदा में पीएमश्री आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की भारी कमी से नाराज होकर सड़कों पर उतरकर उग्र विरोध जताया। स्कूल में लंबे समय से स्टाफ की कमी के कारण नियमित पढ़ाई नहीं होने और भविष्य अंधकार में डूबने से आक्रोशित बच्चे एसडीएम कार्यालय के सामने वीरभाठा-मालखरौदा मुख्य मार्ग के बीचों-बीच दरी बिछाकर बैठ गए और चक्काजाम कर दिया। “जब तक शिक्षक नहीं मिलेंगे, तब तक नहीं हटेंगे” के नारे के साथ बच्चों के सड़क पर डटने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्रों ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक स्कूल में नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक यह चक्काजाम जारी रहेगा।
6 घंटे तक चला हंगामा, अधिकारियों ने दिया आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और बच्चों को समझाने का प्रयास शुरू किया। लगभग छह घंटे तक चले मान-मनौव्वल और अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद आखिरकार छात्रों ने आंदोलन समाप्त किया और मार्ग को बहाल किया गया। आंदोलन खत्म होने के बावजूद विद्यार्थियों, विशेषकर बोर्ड कक्षा के बच्चों के मन में निराशा और चिंता बनी हुई है क्योंकि 109 छात्रों के लिए विषयवार शिक्षकों की संख्या बेहद नाकाफी है और शिक्षा विभाग के पास भी इस कमी को तत्काल पूरा करने का कोई ठोस रोडमैप नहीं दिख रहा है।
पीएम श्री योजना की जमीनी हकीकत पर उठे सवाल
शिक्षा के अधिकार को लेकर बच्चों का यह प्रदर्शन सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती की गंभीर समस्या को फिर से उजागर करता है, जहाँ देश के स्कूलों को अत्याधुनिक बनाने के लिए शुरू की गई ‘पीएम श्री योजना’ के अंतर्गत आने वाले विद्यालय का यह हाल है, तो सामान्य शासकीय विद्यालयों के हालातों का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साल 2022 में शुरू की गई पीएम श्री योजना के तहत साल 2026 तक देश के 14,000 से अधिक स्कूलों को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी, स्मार्ट क्लास और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए ‘चैलेंज मोड’ के माध्यम से न्यूनतम मानदंडों को पूरा करने वाले स्कूलों का चयन किया जाता है। अब देखना होगा कि इस योजना के तहत शामिल मालखरौदा के इस स्कूल में प्रशासन छात्रों की जायज मांग पर कितनी जल्दी अमल करता है।
