नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास और पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। इस उच्च स्तरीय बैठक में आगामी पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ के गांवों के विकास के लिए एक भारी-भरकम वित्तीय पैकेज का रोडमैप सामने आया है।
आयोग की अनुशंसाओं के तहत छत्तीसगढ़ को आगामी पांच वर्षों (वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31) में कुल 11,664 करोड़ रुपए का भारी-भरकम अनुदान प्राप्त होगा। इस राशि का सीधा इस्तेमाल ग्राम पंचायतों के माध्यम से गांवों में सड़कों, पानी, आधारभूत अधोसंरचना (Infrastructure) और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा।
खबर के मुख्य बिंदु:
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छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी: ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
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दो हिस्सों में मिलेगा फंड: कुल ₹11,664 करोड़ में से 9,331 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट (मूल अनुदान) और 2,333 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट (प्रदर्शन अनुदान) के रूप में मिलेंगे।
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पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर: कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर सेवा प्रदायगी और परफॉर्मेंस आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर गहन मंथन हुआ।
आंकड़ों में समझिए: अगले 5 साल में कब और कितना मिलेगा पैसा?
छत्तीसगढ़ को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच मिलने वाली राशि का सालवार ब्यौरा इस प्रकार है:
| वित्तीय वर्ष | बेसिक ग्रांट (मूल अनुदान) | परफॉर्मेंस ग्रांट (प्रदर्शन अनुदान) | कुल राशि |
| 2026-27 | ₹1,498 करोड़ | — | ₹1,498 करोड़ |
| 2027-28 | ₹1,663 करोड़ | ₹248 करोड़ | ₹1,911 करोड़ |
| 2028-29 | ₹1,846 करोड़ | ₹624 करोड़ | ₹2,470 करोड़ |
| 2029-30 | ₹2,049 करोड़ | ₹693 करोड़ | ₹2,742 करोड़ |
| 2030-31 | ₹2,275 करोड़ | ₹768 करोड़ | ₹3,043 करोड़ |
| कुल योग | ₹9,331 करोड़ | ₹2,333 करोड़ | ₹11,664 करोड़ |
आत्मनिर्भर बनेंगे छत्तीसगढ़ के गांव: विजय शर्मा
कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में हिस्सा लेते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ की जमीनी जरूरतों और प्राथमिकताओं को देश के नीति-निर्माताओं के सामने रखा।
इस विशाल वित्तीय पैकेज की मंजूरी के बाद अब छत्तीसगढ़ का पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग राज्य स्तर पर एक विस्तृत कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने जा रहा है। इस राशि के सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में ट्रांसफर होने से स्थानीय स्तर पर रुके हुए विकास कार्यों में तेजी आएगी और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प होगा।
