MP Latest News: भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे से जुड़े मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राजकुमार धनोरा द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि गोविंद सिंह राजपूत ने अपने चुनावी शपथपत्र में संपत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है।
याचिका में दावा किया गया था कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के परिवार से संबंधित एक शिक्षा समिति की संपत्तियों का उल्लेख चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। इसे चुनावी घोषणा में तथ्यों को छिपाने का मामला बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) के प्रावधानों पर विचार किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार प्रत्याशी और उसके आश्रितों की संपत्ति का विवरण देना आवश्यक है। मामले के तथ्यों और उपलब्ध अभिलेखों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने याचिका में हस्तक्षेप योग्य आधार नहीं पाया और उसे खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले भी कांग्रेस प्रत्याशी नीरज शर्मा ने इसी मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। इस तरह चुनावी हलफनामे से जुड़े इस मामले में यह दूसरी याचिका है, जिसे न्यायालय ने निरस्त किया है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के समर्थकों का कहना है कि कांग्रेस नेता राजकुमार धनोरा पहले भी उनके खिलाफ विभिन्न आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन अदालत में वे आरोप साबित नहीं हो सके। उनका दावा है कि हर बार न्यायालय से मंत्री को राहत मिली है।
वहीं, इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को कानूनी तौर पर बड़ी राहत मिली है। हालांकि, यदि किसी पक्ष द्वारा इस फैसले को आगे चुनौती दी जाती है तो मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया उच्च न्यायालय अथवा सक्षम न्यायिक मंच पर तय होगी।
