रायपुर: शासकीय शराब दुकानों में ओवररेटिंग और नियमों को दरकिनार कर थोक में शराब बिक्री के मामलों पर आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त ने लापरवाही बरतने के आरोप में बलौदाबाजार और बालोद जिले के दो आबकारी उप निरीक्षकों (Sub-Inspectors) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी (AEO) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
केस 1: रोहासी शराब दुकान में ओवररेटिंग पर कार्रवाई
जारी आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार जिले की कंपोजिट शराब दुकान रोहासी में निर्धारित मूल्य से अधिक दर (ओवररेट) पर शराब बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इस मामले में मैदानी निगरानी में लापरवाही बरतने पर आबकारी उप निरीक्षक पी. माधव राव को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय, रायपुर में संबद्ध (अटैच) किया गया है।
केस 2: बालोद में 53 पेटी शराब की अवैध थोक बिक्री
दूसरा मामला बालोद जिले के गुरूर क्षेत्र का है। यहाँ आबकारी उप निरीक्षक आशाराम शाक्य के प्रभार वाले इलाके में नियमों का उल्लंघन करते हुए एक साथ 53 पेटी शराब थोक में बेची गई थी। कर्तव्य संचालन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर आशाराम शाक्य को निलंबित कर जिला आबकारी कार्यालय, दुर्ग में अटैच किया गया है।
AEO को कारण बताओ नोटिस
इसके अलावा, बालोद क्षेत्र में मॉनिटरिंग और नियंत्रण में ढिलाई बरतने के आरोप में सहायक जिला आबकारी अधिकारी (AEO) निलोफर जैन को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि इस तरह की लापरवाही पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
विभाग का संदेश: शासन के राजस्व को नुकसान पहुँचाने, शराब दुकानों में ओवररेटिंग करने या थोक में अवैध बिक्री को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर आबकारी विभाग लगातार कड़े रुख में कार्रवाई कर रहा है।
