Chhattisgarh Balod News : बालोद। डौंडी ब्लॉक के ग्राम पंचायत घोटिया में करीब 19 लाख रुपये की लागत से बनाया गया रिटर्निंग वॉल पहली ही बारिश में टूट गया। दीवार के टूटने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में गुणवत्ताहीन रेत का इस्तेमाल किया गया और स्टीमेट के मुताबिक काम नहीं कराया गया।
यह रिटर्निंग वॉल घोटिया के मैदान से लगे खेखड़ी नाला के किनारे बनाया गया था। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान पानी के बहाव से मैदान की मिट्टी के कटाव को रोकना था। ग्राम पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाया गया था और ठेकेदार के माध्यम से काम कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने निर्माण में मानकों की अनदेखी की और उसी नाले की ऐसी रेत का इस्तेमाल किया, जो निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं थी।
ग्रामीणों के मुताबिक रिटर्निंग वॉल की नींव स्टीमेट के अनुसार करीब चार फीट गहरी होनी थी, लेकिन मौके पर महज दो फीट तक ही नींव दी गई। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण लाखों रुपये की लागत से तैयार दीवार पहली बारिश का दबाव भी नहीं झेल सकी। दीवार टूटने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं, तकनीकी सहायक देवेंद्र कुमार भूआर्य ने कहा कि निर्माण कार्य स्टीमेट के आधार पर ही कराया गया है। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुसार हुआ है तो पहली बारिश में दीवार टूटने की वजह भी स्पष्ट होनी चाहिए।
मामले को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष कुसुमकसा योगेंद्र गांधी भी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जनप्रतिनिधियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक निर्माण राशि के भुगतान पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।
अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने कहा कि पहली बारिश में रिटर्निंग वॉल टूटने के मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट और टीम की अनुशंसा के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
