Raigarh News: मजदूरों की 9 सूत्रीय शिकायत पर प्रशासन सख्त, छाल खदान समेत जिले की दूसरी खदानों में भी होगी जांच

Chhattisgarh Raigarh News: रायगढ़। रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र की खुली खदान में ठेका कंपनी एसकेए (SKA) के खिलाफ मजदूरों की शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। श्रमिकों की ओर से 9 सूत्रीय शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच केवल छाल की खुली खदान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिले की अन्य खदानों में काम कर रही ठेका कंपनियों के श्रम कानूनों के पालन की भी जांच की जाएगी।

एसईसीएल छाल क्षेत्र की खुली खदान सिम-3 विस्तार में काम कर रहे मजदूरों ने ठेका कंपनी सुनील कुमार अग्रवाल (एसकेए) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। श्रमिकों का कहना है कि उनसे निर्धारित 8 घंटे के बजाय करीब 12 घंटे काम कराया जा रहा है। इसके अलावा महीने में 30 से 31 दिन तक लगातार काम कराने और साप्ताहिक अवकाश नहीं देने की भी शिकायत की गई है।

मजदूरों ने वेतन में विसंगति का आरोप लगाते हुए कहा है कि एसईसीएल की ओर से बजट जारी किए जाने के बावजूद उन्हें निर्धारित हाई पावर कमेटी (HPC) दर के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है। घर से आने-जाने वाले कर्मचारियों के वेतन से कमरे और भोजन के नाम पर कथित तौर पर 6 हजार रुपये तक की कटौती किए जाने की शिकायत भी प्रशासन से की गई है।

श्रमिकों ने पे-स्लिप, सेफ्टी किट और बोनस जैसी सुविधाएं नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वेतन भुगतान में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। वहीं, अपनी समस्याओं और अधिकारों को लेकर आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है।

मामले की जांच के लिए गठित 5 सदस्यीय टीम की अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर शिल्पा भगत होंगी। टीम में सहायक श्रम आयुक्त घनश्याम पाणिग्राही, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राहुल पटेल, खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी और संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को सदस्य बनाया गया है।

जांच दल को तत्काल कार्यस्थल का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम एसकेए के मस्टर रोल, वेतन भुगतान पंजी और HPC दरों के क्रियान्वयन से जुड़े दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेगी। इसके अलावा शिकायतकर्ता मजदूरों और ठेका कंपनी के प्रबंधन के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

प्रशासन ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए रायगढ़ जिले की अन्य खदानों को भी इसमें शामिल किया है। जांच दल एसईसीएल छाल क्षेत्र के साथ अन्य खदानों का सघन और औचक निरीक्षण करेगा। इस दौरान श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी, औद्योगिक सुरक्षा मानकों, वेतन कटौती और HPC दरों के पालन की भी जांच की जाएगी।

इधर, मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं हुई तो छाल उपक्षेत्र में काम पूरी तरह बंद किया जा सकता है। प्रशासन ने औद्योगिक शांति, श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर कार्यालय से 11 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार, संयुक्त जांच दल को छाल खदान सहित अन्य खदानों की स्थिति की जांच कर स्पष्ट अनुशंसा के साथ 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी।

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